केदारनाथ पुनर्निर्माण के तहत दूसरे चरण के निर्माण कार्यों को शुरू करने के लिए कवायद तेज हो गई है। अक्तूबर से दूसरे चरण के कार्य शुरू होंगे। लगभग 130 करोड़ से होने वाले निर्माण कार्यों की डीपीआर को इस माह स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। ये सभी निर्माण कार्य मास्टर प्लान के तहत किए जाने हैं, जिसके लिए चरणबद्ध तरीके से सरकारी व निजी भूमि का अधिग्रहण भी किया जाना है। धाम में पहले चरण के कार्य अंतिम चरण में हैं।
केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य तीन चरणों में होने हैं। प्रथम चरण में केदारनाथ मंदिर परिसर व मंदिर मार्ग का विस्तार, चबुतरा निर्माण, मंदाकिनी नदी पर आस्था पथ, आदिगुरू शंकराचार्य समाधि का पुनर्निर्माण और केदारनाथ-गरूड़चट्टी पैदल मार्ग का निर्माण व सरस्वती नदी पर 30 मीटर स्पान पुल व भैरवनाथ मंदिर तक पैदल मार्ग बन चुका है। मंदाकिनी नदी पर 60 मीटर स्पान का पुल निर्माणाधीन चल रहा है। अब, आगामी अक्तूबर से दूसरे चरण के कार्य शुरू होने वाले हैं। सरस्वती नदी पर प्लाजा, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, संगम घाट का निर्माण, वाटर एटीएम, आस्था पथ पररेन शल्टर, बेंच व प्रकाश व्यवस्था की जानी है। इसके अलावा धाम में चिकित्सालय, पुलिस थाना, विश्राम गृह, प्रशासनिक भवन, रावल, मुख्य पुजारी व कर्मचारियों के आवासीय भवन और टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर का निर्माण भी होना है। इन निर्माण कार्यों से यात्राकाल में केदारनाथ में श्रद्धालुओं को जरूरी सुविधाएं मिल सकेंगी।
केदारनाथ में पुनर्निर्माण के दूसरे चरण के कार्यों की डीपीआर की शासन स्तर पर स्क्रूटनी हो रही है। साथ ही जिला स्तर पर जरूरी औपचारिकताएं भी पूरी की जा रही है। डीपीआर की संस्तुति मिलते ही कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कार्य शुरू किया जाएगा।
- वंदना सिंह, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग