सांसद आदर्श ग्राम रह चुके देवलीभणिग्राम को जोड़ने वाला पौने चार किमी मोटर मार्ग बदहाल है। स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पॉलीटेक्निक व एएनएम सेंटर की मांग लंबे समय से हो रही है लेकिन सुध लेेेने वाला कोई नहीं है।
16/17 जून 2013 की केदारनाथ आपदा में सबसे अधिक जनहानि देवलीभणिग्राम में हुईं। कई परिवारों की दो से तीन पीढ़ियां जलप्रलय में समा गईं। आज भी ये लोग इस दर्द से नहीं उभर पाए हैं। दूसरी तरफ वर्ष 2014 में गढ़वाल सीट से निर्वाचित सांसद बीसी खंडूडी ने देवलीभणिग्राम को सांसद आदर्श ग्राम के लिए चुना। यहां जिला व राज्य योजना के तहत कई कार्य स्वीकृत किए गए थे लेकिन गांव को जोड़ने वाला मोटर मार्ग आज भी बदहाल है। पूरे मार्ग के अधिकांश हिस्से पर डामर उखड़ चुका है जिससे छोटे वाहनों की आवाजाही में दिक्कत हो रही है। स्थानीय निवासी व जिपं सदस्य गणेश तिवारी व ग्राम प्रधान ज्योति देवी का कहना है कि सड़क पर दो-तीन स्थानों पर वाहनों के संचालन में खासी दिक्कत हो रही है। कार्यदायी संस्था को मौखिक व लिखित में अवगत कराने के बाद भी सुध नहीं ली जा रही है। इधर, पीएमजीएसवाई के जेई पंकज बिष्ट का कहना है कि मार्ग के सुधारीकरण का कार्य किया जाना है। चरणबद्ध तरीके से मार्ग को पूरी तरह से ठीक कर दिया जाएगा।