सिनघाटा में हो रहे भूस्खलन से विजयनगर-पठालीधार मोटर मार्ग 50 मीटर से अधिक ध्वस्त हो गया है। मार्ग पिछले 20 दिन से बंद है। इस कारण क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों के ग्रामीणों को पांच से 15 किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है।
बसुकेदार तहसील के रायड़ी, फलई, सिल्ला, कोटी, सिनघाटा, डांगी, कोदी, अदोली, किमाणा, स्यूंर, डडोली, उतरसू सहित 30 से अधिक गांवों का संपर्क मार्ग आपदा के बाद से बदहाल है। जगह-जगह पर भूस्खलन व भू-धंसाव जोन सक्रिय होने से यातायात प्रभावित हो रहा है।
जुलाई अंतिम सप्ताह से सिनघाटा गांव के समीप पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन से सड़क का 50 मीटर हिस्सा पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। लगातार हो रहे भूस्खलन से सिनघाटा व डांगी गांव के जंगल व निकट खेती को भी खतरा पैदा हो गया है। क्षेत्र के गांवों को अगस्त्यमुनि जोड़ने वाला यह प्रमुख मार्ग है।
स्थानीय निवासी संतोष नेगी, कमरुद्दीन सिद्दकी, इशाक अहमद, एसएस रावत आदि का कहना है कि लोक निर्माण ऊखीमठ की लापरवाही के कारण सड़क की स्थिति दयनीय है। तीन वर्ष से सिनघाटा के समीप भूस्खलन जोन सक्रिय है, लेकिन विभाग द्वारा आज तक स्थायी ट्रीटमेंट नहीं किया गया है। उन्होंने प्रभावित स्थान से अन्यत्र सर्वेक्षण कर 60 मीटर नई कटिंग कर सड़क से जोड़ने की मांग की है।
प्राइमरी स्कूल को खतरा
विजयनगर-पाठालीधार मार्ग पर हो रहे भूस्खलन से प्राइमरी स्कूल पठालीधार को भी खतरा पैदा हो गया है। भूस्खलन जोन सक्रिय होने से स्कूल के पास दरारें हो गई हैं। ग्रामीणों ने सुरक्षा की दृष्टि से स्कूल का संचालन अन्यत्र किए जाने की मांग की है।
मार्ग के स्थायी सुधारीकरण के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जा चुका है। धन स्वीकृति पर बरसात के उपरांत कार्य होगा। प्रभावित स्थान पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।
-मनोज दास, ईई, लोनिवि ऊखीमठ डिवीजन