सरकारी उपेक्षा के चलते जखोली के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दिग्धार (बड़मा) में अराजकता का माहौल है। शौचालयों के पिट का गंदा पानी पाइपों से रिसकर कमरों में भर रहा है। इससे अस्पताल परिसर में दुर्गंध फैल रही है। ऐसे में यहां पहुंचने वाले मरीजों को खासी दिक्कत हो रही है।
वर्ष 2010 में निर्मित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दिग्धार से क्षेत्र के धरियांज, थाती-बड़मा, मुन्नादेवल, सेम, कोटी, डंगवालगांव, ब्राह्मणगांव, घणतगांव, स्वाड़ा, किरोड़ा मल्ला व तल्ला सहित बीस से अधिक गांव/तोक जुड़े हैं। फिलवक्त अस्पताल अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है।
केंद्र का संचालन एकमात्र फार्मेसिस्ट के भरोसे है। नए भवन की छत से लेकर अंदर कमरों के शौचालय के पिट रिस रहे हैं, जिससे गंदगी फैली हुई है। ऐसे में यहां मौजूद दवाईयां और ड्रेसिंग के लिए रखे उपकरण खराब हो रहे हैं।
बड़मा जन स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष कालीचरण रावत का कहना है कि करोड़ों की लागत से बना स्वास्थ्य केंद्र का मुख्य भवन छत से लेकर कमरों तक बरसात में टपक रहा है। उन्होंने केंद्र में स्वीकृत पदों के सापेक्ष डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती, अस्पताल में चारदीवारी निर्माण और अस्पताल तक संपर्क मार्ग बनाए जानेे की मांग की है।
आवास नहीं बन पाए
अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ यहां डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ के लिए आवास निर्माण 2008 में शुरू किया गया था। जो अभी तक अधूरे हैं । इन दिनों चारों तरफ घास और झाड़ियां उगी हैं। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा विभाग को अवगत कराने के बाद भी इसकी सुध नहीं ली जा रही है।
समिति का किया गठन
स्वास्थ्य केंद्र की समस्याओं के निस्तारण के लिए बड़मा जन स्वास्थ्य समिति का गठन कर कालीचरण रावत को अध्यक्ष चुना गया है। एसपी सेमवाल, सरला देवी व उमा देवी को सचिव चुना गया है। समिति का प्रतिनिधिमंडल जल्द सीएमओ से भेंट कर स्थिति से अवगत कराएगा।