फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कठिनाइयाें से ही मिलते है जीने के रास्ते : सीएम

Sun, 22 Nov 2015 06:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो कालीमठ/कविल्ठा।
विज्ञापन
विज्ञापन
 इसके साथ ही स्थानीय हस्तशिल्प के संरक्षण व संवर्द्धन के लिए सामूहिक प्रयास करने जरूरी हैं। हर बच्चे को शिक्षा मिले इसके लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन इसके लिए सबका सहयोग जरूरी है। 
विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने कहा कि कठिनाइयाें से ही जीवन जीने के रास्ते मिलते हैं। ऐसे में हमें कठिनाइयाें का डटकर सामना करना चाहिए। संगठित होकर प्रयास करने से ही सफलता मिल सकती है। सीएम ने कहा कि स्थानीय लोगाें को वर्ष भर रोजगार व शीतकालीन यात्रा को सफल संचालन के लिए विभिन्न मठ-मंदिराें को सुविधा संपन्न बनाया जा रहा है।

बताया कि जल्द ही सरकार हिमालय दर्शन यात्रा शुरू कर रही है। इसमें एयर एंबुलेंस सुविधा का लाभ भी दिया जाएगा। स्थानीय लोगाें की मांग पर उन्हाेंने जिला प्रशासन एवं समिति को कालिदास संस्कृत शोध केंद्र स्थापना के लिए प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन



कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संसदीय सचिव शैलारानी रावत ने मुख्यमंत्री के सम्मुख कविल्ठा में पुस्तकालय व वाचनालय बनाने, कालीमठ सहित अन्य मंदिराें को सोलर लाइट से आच्छादित करने, एयर एंबुलेंस की सुविधा देने, पैराग्लाइडिंग के लिए संभावनाएं खोजने आदि की मांग रखी। कार्यक्रम का संचालन सुरेश चरण गौड़ ने किया।


इस मौके पर जिला निर्माण सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष सूरज नेगी, जिला पंचायत सदस्य संगीता नेगी, ऊखीमठ नगर पंचायत अध्यक्ष रीता पुष्पवाण, अंकुर रौथाण, आनंद रावत, विक्रम नेगी, जयप्रकाश गौड़, नरेंद्र सिंह रावत आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें