जिले में प्राथमिक स्तर पर क्यार्क-बरसूड़ी, चोपता, डुंगर, खुमेरा, खलियाण और बुडना के स्कूल और जूनियर स्तर पर खुरड़, पठाली और उदियाण गांव के स्कूल चयनित किए गए हैं। माध्यमिक स्तर पर जीआईसी रुद्रप्रयाग, अगस्त्यमुनि, गुप्तकाशी, ऊखीमठ, सिद्धसौड और राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पौंठी को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाना है।
प्रत्येक विद्यालय को संसाधन जुटाने सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए करीब 4.5 लाख रुपये मिले हैं। इससे इन स्कूलों में चटाई, फर्नीचर, बिजली, संचार, पानी, शौचालय सहित प्राथमिक उपचार की सुविधा मुहैया की जाएगी। बाद में इन स्कूलों को आवासीय व्यवस्था के तहत संचालित किया जाएगा।
गुलाबी रंग में रंगेंगे मॉडल प्राथमिक विद्यालय
मॉडल स्कूल के चयनित प्राथमिक विद्यालयों के भवनों का रंग अब गुलाबी होगा। इसके अलावा स्कूल में कक्षा एक से पांच तक बच्चों के लिए कुर्सी-मेज अनिवार्य कर दी गई हैं। सुबह सरस्वती वंदना व प्रार्थना अब संगीत के साथ होगी। इसके लिए संगीत सामग्री स्कूलों को मुहैया की जा रही है। माध्यमिक विद्यालयों के भवनों का रंग पूर्ववत रहेगा।
प्रधानाचार्यो को दी जा रही ट्रेनिंग
जिले में मॉडल स्कूल के लिए चयनित 6 माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाचार्य मॉडल प्रारूप के बारेे में इन दिनों डायट पौड़ी में पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण ले रहे हैं। इन अधिकारियों से विद्यालयों को कैसे और किस प्रकार से मॉडल बनाया जाए, सुझाव भी मांगे जा रहे हैं।
जिले में प्राथमिक से लेकर माध्यमिक तक 15 स्कूल मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए 45 लाख रुपये प्राप्त हो चुका है। इससे सभी विद्यालयों में जरूरत के हिसाब से सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।- सुभाष चंद्र भट्ट, सीईओ रुद्रप्रयाग