केदारनाथ यात्रा को लेकर केदारघाटी में उत्साह दिखाई दे रहा है। लोग यहां इस वर्ष धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बीते वर्ष की तुलना में अधिक होने का अनुमान लगा रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि यात्रा मार्ग के बाजारों से लेकर पड़ाव पर घाटी के लोगों को अधिकाधिक रोजगार मिलेगा और व्यवसाय गति पकड़ेगा।
9 मई से शुरू हो रही केदारनाथ यात्रा की हलचल शुरू हो गई है। गुप्तकाशी से सोनप्रयाग तक के बाजारों में शुरूआती तैयारियां की जाने लगी हैं। केदारनाथ यात्रा इस क्षेत्र के लिए जीवन का जीने का जरिया भी है। आपदा के बाद पैदा हुए हालातों से जूझ रहे क्षेत्र के लिए वर्ष 2015 की यात्रा ने उठने का हौसला दिया। वर्ष 2013 की अपेक्षा हालात काफी सुधरे हैं। ऐसे में, इस बार यात्रा को लेकर उम्मीदें होना लाजिमी है।
गुप्तकाशी के पूर्व व्यापार संघ अध्यक्ष केएस नेगी का कहना है कि बीते वर्ष की यात्रा ने लोगों को जीने की राह दिखाई है। इस बार जीवन पटरी पर दौड़ने की उम्मीद है। वे बताते हैं कि बेहतर यात्रा की उम्मीद में केदारघाटी में होटल, लॉज, ढाबा व दुकानदार अपने-अपने प्रतिष्ठानों की साफ-सफाई व रंग-रोगन करने में जुट गए हैं। सोनप्रयाग निवासी मुकेश गोस्वामी व द्वारिका प्रसाद गोस्वामी का कहना है कि इस वर्ष यात्रा को लेकर खासी उम्मीदें हैं। आपदा के बाद हालातों में काफी सुधार हुआ है। बुद्धिबल्लभ गैरोला कहते हैं घाटी का जीवन बाबा केदार की यात्रा पर निर्भर है।
सफाई, शौच और पार्किंग की दिक्कत
रुद्रप्रयाग। यात्रा मार्ग पर गुप्तकाशी से लेकर गौरीकुंड तक साफ-सफाई, शौचालय और पार्किंग व्यवस्था भगवान भरोसे है। अनुज ममगाईं, ऋषि नौटियाल व सरफराज आदि का कहना है कि बीते वर्ष सोनप्रयाग से यात्रा को प्रमुखता से संचालित किया गया था, लेकिन अब तक जरूरी व्यवस्थाएं जुटाने की कवायद शुरू नहीं हो पाई है।