रुद्रपुर। किच्छा में कार में संदिग्ध हालात में हुई डॉक्टर की मौत के बाद कोरोना जांच के लिए सैंपल भेजा गया था। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद डॉक्टर ने शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हार्टअटैक से मौत होना सामने आया है।
मूलरूप से यूपी के लखीमपुर खीरी पलियाकला निवासी डॉ. कुलदीप सिंह (40) पुत्र स्व. विजेंद्र सिंह बरेली के राजश्री मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर थे। बीते बृहस्पतिवार को वे रामनगर अस्पताल में बतौर बाल रोग विशेषज्ञ पद की ज्वानिंग के लिए गए थे।
ज्वानिंग के बाद डॉ. कुलदीप कार से वापस बरेली को रवाना हो गए थे लेकिन देर शाम को उनकी कार किच्छा में सड़क किनारे मिली। कार में वह बेसुध पड़े थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर देखा तो उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रुद्रपुर भेज दिया था।
डॉक्टर ने कोरोना की जांच के लिए सैंपल लेकर भेजा था। मृतक के भाई डॉ. विपिन सिंह ने बताया कि कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने पर पोस्टमार्टम हो गया और फिर वह शव को लेकर बरेली जा रहे हैं। उन्होंने हार्टअटैक से मौत होने का अंदेशा जताया है। इधर, किच्छा थाने के एसएसआई योगेश कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह हार्टअटैक आई है।
पीपीई किट खरीदने के नाम पर मृतक के परिजनों से अवैध वसूली
रुद्रपुर। पोस्टमार्टम हाउस में पोस्टमार्टम कराने के लिए लाए गए शवों के साथ आने वाले परिजनों से वसूली की जा रही है। पोस्टमार्टम से पहले पीपीई किट और अन्य सामान खरीदने के नाम पर एक मृतक आश्रित से कर्मचारी ने 3900 रुपये ले लिए जबकि पोस्टमार्टम के दौरान शुल्क देने का कोई प्रावधान नहीं है।
मूलरूप से यूपी के लखीमपुर खीरी थाना पलियाकला निवासी डॉ. कुलदीप सिंह (40) पुत्र स्व. विजेंद्र सिंह की बृहस्पतिवार को किच्छा में संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। उनका शव किच्छा के पास कार से बरामद हुआ था। मौके पर पहुंची पुलिस ने इसकी सूचना मृतक के परिजनों को दी और शव को पोस्टमार्टम के लिए रुद्रपुर भेज दिया।
मृतक के भाई डॉ. विपिन सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम हाउस में पहुंचते ही वहां तैनात कर्मचारी ने पीपीई किट खरीदने के लिए उनसे 2400 रुपये और अन्य सामान के लिए 1500 रुपये ले लिए। नियमों का पता नहीं होने पर उन्होंने कर्मचारी को 3900 रुपये दे दिए। उनसे यह रुपये बतौर शुल्क बताकर लिए गए थे। इधर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद ही पीपीई किट का प्रयोग किया जाता है।
पोस्टमार्टम हाउस में किसी भी नाम से शुल्क लेने का कोई प्रावधान नहीं है। यदि कर्मचारी ने रुपये लिए हैं तो इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी मिलेगा, कार्रवाई की जाएगी। मृतक के परिजनों की ओर से इस संबंध में कोई लिखित शिकायत नहीं की गई है। - डॉ. देवेंद्र सिंह पंचपाल, सीएमओ।
डॉ. कुलदीप सिंह (फाइल फोटो)।- फोटो : RUDRAPUR