अलकनंदा पर रतूडा-धारकोट पुल का धीमी गति से हो रहा है काम
कार्यदायी संस्था की उदासीनता क्षेत्रीय जनता पर पड़ रही है भारी
रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि ब्लॉक के तल्लानागपुर क्षेत्र में ग्राम पंचायत धारकोट को ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे से जोड़ने के लिए अलकनंदा नदी पर निर्माणाधीन पैदल पुल का बीते पांच साल से अधूरा पड़ा है। विभाग की उदासीनता से क्षेत्रीय जनता में रोष है। उन्होंने जल्द कार्य पूरा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
वर्ष 2019 में ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे से तल्लानागपुर के धारकोट सहित आसपास के गांवों को जोड़ने के लिए रतूड़ा के समीप अलकनंदा नदी पर तीन करोड़ की लागत से 85 मीटर स्पान व डेढ़ मीटर चौड़ा पैदल पुल स्वीकृत किया गया था। पुल बनने से जहां ग्रामीणों का हाईवे से सीधा संपर्क होगा, वहीं निर्वाली स्थित सिद्धपीठ अष्ट भैरव व विष्णु मंदिर तक भक्तों की पहुंच आसान होती।
पांच वर्ष बीतने के बाद भी पुल आधा-अधूरा ही बन पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि लोनिवि द्वारा रतूड़ा की तरफ पुल के लिए पिलर निर्माण 16 मीटर हो पाया है और दूसरी तरफ खोदाई भी पूरी नहीं हो पाई है। ग्राम प्रधान रजनी देवी सती, विमल सती, अनुसूया प्रसाद सती, गणेश चंद्र का कहना है कि जनता दरबार, बीडीसी और अन्य मौकों पर शासन-प्रशासन और विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बाद भी पुल निर्माण का कार्य तेजी से नहीं किया जा रहा है।
इधर, अधिशासी अभियंता इंद्रजीत बोस ने बताया कि कोरोनाकाल में पुल के कार्य में देरी हुई थी। अब, पुल के लिए एक पिलर का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। हरसंभव प्रयास होगा कि इस वर्ष के आखिर तक पुल तैयार हो जाए।