रविवार को विद्यालय में पहली बार आयोजित सम्मेलन का शुभारंभ प्रधानाचार्य अजीतपाल सिंह बिष्ट ने किया। कहा कि माता बच्चों के सबसे नजदीक होती है। ऐसे में बच्चों की हर गतिविधियों पर उनकी नजर होती है।
इस मातृ सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को संस्कारवान बनाना है। वे बच्चों की खूबियों और कमियों को भी भलीभांति जानती हैं। अभिभावक कविता भट्ट का कहना था कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों में झिझक दूर करने की बात कही गई। सरस्वती धिरवाण ने शारीरिक स्वच्छता के साथ ही संस्कारिक वातावरण पर जोर दिया।
ऊषा भट्ट एवं लक्ष्मी रावत ने संतुलित भोजन एवं नियमित दिनचर्या का सुझाव माताओं को दिया। सुधा नेगी ने कविता के माध्यम से बच्चों की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। आचार्य कुलदीप सेमवाल के संचालन में हुए कार्यक्रम में दुर्गा प्रसाद चौकियाल, देवेश्वर बजवाल, नीलम रावत, रघुवीर पंवार, रेखा रावत, दीपा देवी, मेनाक्षी रावत, संगीता, शशी, नीलम, मंजू आदि मौजूद थे।