जखोली विकासखंड के थाती-बड़मा में वर्षभर पानी से लबालब तालू झील एडवेंचर व पर्यटन का हब बनाने के लिए पर्यटन विभाग कार्ययोजना तैयार करेगा। झील जल संरक्षण का मॉडल होने के साथ हजार कृषि भूमि की सिंचाई भी करती है।
मयाली-गुप्तकाशी मोटर मार्ग पर 50 मीटर की दूरी पर 70 मीटर लंबी, 30 मीटर चौड़ी और 4 मीटर गहरी झील तालू (तालेश्वर) झील को पर्यटन का केंद्र बनाया जाएगा। जिला प्रशासन के निर्देश पर विभाग द्वारा जल्द धरियांज गांव में स्थित झील का स्थलीय निरीक्षण कर उसके संरक्षण की योजना तैयार की जाएगी। ग्रामीणों के अनुसार तालू झील से रिसने वाले पानी से थाती, बड़मा, सेम, मुन्नादेवल, डोबल्यिा समेत अन्य गांवों की लगभग दो हजार नाली कृषि भूमि की सिंचाई होती है। गांव के नत्थी सिंह रौथाण, पवन सिंह रौथाण, भूपेंद्र सिंह रौथाण, जयेंद्र सिंह रौथाण, कर्ण सिंह रौथाण, कालीचरण रावत बताते हैं कि तालू झील को लस्तर नदी का उद्गम स्थल माना जाता है। पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल तालू झील का जल्द स्थलीय निरीक्षण कर उसके संरक्षण और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को लेकर कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इस संबंध में स्थानीय लोगों से भी जानकारी मांगी जा रही है।