श्रीनगर। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत नशे के खिलाफ 15 अगस्त को हल्द्वानी में पदयात्रा निकालेंगे। उन्होंने नशे को बड़ा खतरा बताते हुए अभियान को राज्य के प्रत्येक जिला मुख्यालयों में चलाने की बात कही ।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने डडुआ में फ्रूट वाइन और वाटर प्लांट को मंजूरी दी थी। जब लोगों ने विरोध किया, तो उन्होंने आबकारी सचिव को बुलाकर आदेश निरस्त करने को कहा, लेकिन शासनादेश जारी होने से पहले चुनाव आचार संहिता लग गयी।
रावत ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने हिंडोलाखाल के श्रीकोट माल्डा में एनसीसी अकादमी का शिलान्यास किया, उसको भाजपा मान नहीं रही है। जहां सिर्फ एक कागज (डडुआ वाइनरी लाइसेंस) दिया, वहां कहा जा रहा है कि ये तो हरीश रावत की देन है। क्या भाजपा इसको निरस्त नहीं कर सकती थी? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा उनके शासनकाल के कामों को जानबूझकर अटका रही है।
उन्होंने कहा कि वह नशे के खिलाफ हैं। इसलिए इसके खिलाफ आंदोलन चलाएंगे। इसकी शुरुआत 15 अगस्त को हल्द्वानी से होगी। रावत ने बताया कि 15 जुलाई को कांग्रेस जनहित से जुड़े मुद्दों पर देहरादून में प्रदर्शन करेगी।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ढाई साल से गैरसैंण में एक ईंट भी नहीं लगी है। वहां की जनता आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, भराड़ीसैंण टाउनशिप निर्माण और गैरसैंण जिला बनाने की मांग के लिए 20 अगस्त से 9 नवंबर तक आंदोलन चलाएगी। कांग्रेस इसका समर्थन करते हुए पूर्ण भागीदारी करेगी।
इस अवसर पर नवनिर्वाचित नगर पालिका अध्यक्ष पूनम तिवाड़ी, कांग्रेस के प्रांतीय प्रवक्ता प्रदीप तिवाड़ी, पीसीसी सदस्य प्रताप भंडारी व बीरेंद्र नेगी व राजेश्वरी रावत आदि मौजूद थे।
इससे पूर्व नगर पालिका की नवनिर्वाचित नगर पालिका अध्यक्ष पूनम तिवाड़ी सहित कांग्रेस जनों ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का स्वागत किया। इस मौके पर पूनम को बधाई देते हुए रावत ने कहा कि श्रीनगर और बाजपुर की जीत भाजपा सरकार के लिए चेतावनी है। श्रीनगर जीत के मॉडल को पंचायत चुनावों में भी जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि श्रीनगर के पूर्व विधायक गणेश गोदियाल भविष्य में राज्य की बागडोर संभालने वाले नेताओं में आगे हैं।
छात्रों के आंदोलन को पूर्व मुख्यमंत्री ने दिया समर्थन
रुद्रप्रयाग। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने धरना स्थल पर पहुंच कर छह सूत्री मांगों को लेकर धरने पर बैठे राजकीय महाविद्यालय के छात्रों के आंदोलन को समर्थन दिया। छात्रों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा।
शनिवार को गैरसैंण से लौट रहे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को छात्रों के आंदोलन की खबर लगी तो वे करीब 10 बजे सीधे राजकीय महाविद्यालय परिसर में धरना स्थल पर पहुंचे। इस मौके पर छात्रों ने पूर्व मुख्यमंत्री को महाविद्यालय की समस्याओं से अवगत कराया। जिस पर पूर्व मुख्यमंत्री ने छात्रों की मांगों को प्रमुखता के साथ शासन व सरकार के सम्मुख रखने का आश्वासन दिया। दूसरी ओर जन अधिकार मंच ने भी धरना स्थल पर जाकर छात्रों को अपना समर्थन दिया। जबकि मंच की एक टीम व छात्र नेताओं ने डीएम मंगेश घिल्डियाल से मुलाकात कर महाविद्यालय की समस्याएं रखी। इस मौके पर छात्र संघ अध्यक्ष आशीष कप्रवाण, उपाध्यक्ष हेमंत बिष्ट, डा. आनंद बोहरा, मोहित डिमरी, संपन्न नेगी, विक्रांत चौधरी, नीरज कप्रवाण समेत अन्य छात्र-छात्राएं मौजूद थे।