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धीरज की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने डीजीपी को भेजा नोटिस

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मृतक धीरज सिंह राणा उर्फ धीरू। (फाइल फोटो) - फोटो : SITARGANJ
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रुद्रपुर। सितारगंज सिडकुल चौकी पुलिस की हिरासत में हुई धीरज की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लेकर डीजीपी उत्तराखंड को नोटिस भेजकर छह सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। नोटिस में आयोग ने भी माना है कि पुलिस नियमानुसार अपनी ड्यूटी करने में असफल हुई है, जिस कारण पुलिस कस्टोडियन डेथ का मामला घटित हुआ।
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डीजीपी अनिल रतूड़ी को भेजे गए नोटिस में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का कहना है कि सितारगंज सिडकुल चौकी के हवालात में हुई धीरज की मौत बेहद चिंता का विषय है। जिस पर समाचार पत्रों में छपी खबर के आधार पर आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है। मामले में जहां पुलिस प्रशासन का कहना है कि धीरज द्वारा हवालात में फांसी लगाकर खुदकुशी की गई है, वहीं मृतक के परिजनों ने कस्टडी के दौरान पुलिस के उत्पीड़न को धीरज की मौत का कारण माना है। इसकी जांच के लिए डीजीपी को छह सप्ताह के भीतर आयोग को पूरे मामले की मजिस्ट्रेटी जांच रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटना की डिटेल रिपोर्ट उपलब्ध करानी होगी।
अपने पत्र के माध्यम से आयोग ने यह भी माना है कि नियमानुसार अपनी ड्यूटी करने में असफल होने के कारण पुलिस जीवन रक्षा के अधिकार को सुरक्षित करने में भी असफल रही है। इधर, एसएसपी बरिंदरजीत सिंह को भी राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की ओर से नोटिस की एक प्रति जारी की है। एसएसपी का कहना है कि उनके द्वारा शुक्रवार सुबह ही राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को मामले की रिपोर्ट भेज दी गई थी। इसका भी जवाब तय समय के भीतर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भेजा जाएगा।
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