आईआरबी प्रथम में सेनानायक के पद पर जाने से पहले जिले में बतौर एसएसपी 18 महीने तैनात रहे बरिंदरजीत सिंह ने ईमानदार और बेहतर कार्यशैली से जनता के दिल में एक खास जगह बना ली है।
कोरोना काल में शासन की ओर से समय समय पर जारी होने वाले दिशा निर्देशों को फेसबुक लाइव से जनता तक पहुंचाना और उनके सवालों का जवाब देने की पहल भी लोगों ने हाथों हाथ ली थी। लोकसभा और पंचायत चुनाव को शांतिपूर्वक संपन्न कराने में अहम भूमिका रही। सभी बड़े अपराधों का खुलासा करने के साथ उनके सख्त रवैया गलत कार्यों में लिप्त लोगों के साथ ही सत्ता के साथ विपक्षी नेताओं को भी खूब चुभा था।
अपराधों के प्रति सख्ती के चलते ही उन्होंने किच्छा के क्वारंटीन सेंटर में एक नवविवाहिता से दुष्कर्म की कोशिश करने वाले पुलिसकर्मी को तत्काल गिरफ्तार करने के साथ ही सेवा से बर्खास्त भी कर दिया था।
एक जनवरी 2019 को आईपीएस बरिंदरजीत सिंह ने ऊधमसिंहनगर के 22वें एसएसपी के रुप में जिम्मा संभाला था। उन्होंने यूपी और नेपाल से सटे सभी सीमाओं के साथ ही प्रमुख चौराहों, थाने और चौकियों में हाईटैक सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। इन कैमरों की मदद से कई वारदातों के खुलासे में पुलिस को काफी मदद मिली थी। ड्यूटी में लापरवाही सामने आने पर उन्होंने कईं पुलिसकर्मियों को सस्पेंड और लाइन हाजिर किया था।
रुद्रपुर का चर्चित कांग्रेस पार्षद अमित मिश्रा अपहरण कांड, शक्तिफार्म में हत्या, किच्छा और बाजपुर पेट्रोप पंप में डकैती, ट्रांजिट कैंप में बच्चे के अपहरण सहित कईं मामलों का खुलासा किया था। अपहृत एक बच्चे के साथ दो साल पहले अपहृत दूसरे बच्चे को भी बरामद किया गया था। बिना सरकारी मदद के उद्यमियों की मदद से एक करोड़ की लागत से अत्याधुनिक पुलिस कंट्रोल रूप का कार्य शुरू करना बड़ी उपलब्धि रही।
साथ ही कोरोना काल में नियमों का उल्लंघन करने वाले आम लोगों के साथ ही विधायकों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने में भी गुरेज नहीं किया। कोरोना काल में जनता से फेसबुक संवाद बेहद चर्चित रहा। जसपुर में एक एसपीओ की मौत के बाद उसके परिवार की आर्थिक मदद के लिए वे फेसबुक के माध्यम से मुहिम चलाए हुए थे।
भाजपाइयों से तकरार और अगले दिन तबादला
रुद्रपुर। एसएसपी बरिंदरजीत सिंह के तबादले को लेकर सोशल मीडिया में चर्चा का दौर चल पड़ा है। बुधवार को भाजपा जिलाध्यक्ष और अन्य नेताओं के साथ एसएसपी की तीखी तकरार हुई थी। इसके बाद मामला प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचा था। सियासी लोग तबादले को इसी विवाद से जोड़कर भी देख रहे हैं। हालांकि सोशल मीडिया में एसएसपी के अचानक तबादले पर लोगों नाराजगी भी जता रहे हैं।