राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी देश के दूसरे राष्ट्रपति बन गए, जिन्होंने केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार का आशीर्वाद लिया। इससे पूर्व अस्सी के दशक में तत्कालीन राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी केदारनाथ आए थे, वे भी करीब एक घंटा रुके थे।
आपदा के बाद बीते दो वर्षों से केदारनाथ यात्रा नए आयाम हासिल कर रही है। बीते वर्ष जहां डेढ़ लाख यात्री धाम पहुंचे थे। केदारनाथ धाम से राजनीति से जुड़े लोगों का विशेष लगाव रहा है। केदारनाथ के वयोवृद्ध तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती बताते हैं कि वर्ष 1977 से 1982 तक देश के छठे राष्ट्रपति रहे स्व. नीलम संजीव रेड्डी वर्ष 1980 में केदारनाथ पहुंचे थे। उनके अलावा उप राष्ट्रपति रहते हुए नब्बे के दशक में आर वेंकटरमन और प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए इंदिरा गांधी, मोराजी देसाई और विश्वनाथ प्रताप सिंह बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं।
वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से पूर्व केदारनाथ पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन किए थे। वे यहां गरुड़चट्टी में भी कुछ समय रहे थे। दूसरी तरफ बीते वर्ष पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी व हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित कई राजनीतिक दलों से जुड़े सांसद भी इन दो वर्षो में केदारनाथ पहुंच चुके हैं।
तीन बार कुछ देर के लिए रुके महामहिम
केदारनाथ में बाबा केदार के दर्शन कर वापस लौटते समय महामहिम राष्टपति को एमआई-17 हेलीपैड तक पहुंचने के लिए 3 बार कुछ देर के लिए रुकना पड़ा। पैदल मार्ग के खत्म होने पर हेलीपैड तक पहुंचने के लिए 13 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। इन सीढ़ियों पर महामहिम दो बार करीब 35 से 40 सेकंड के लिए रुके। इसके बाद वे हेलीपैड पर बने सेफ हाउस से हेलीकाप्टर तक पहुंचने के लिए भी एक बार रुके।