द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर छह माह की शीतकालीन पूजा-अर्चना के लिए पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारे?
- फोटो : RUDRAPRYAG
द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर शीतकालीन पूजा-अर्चना के लिए पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मदिर में विराजमान हो गए हैं। मराठा रेजीमेंट की बैंड धुनों, स्थानीय वाद्य यंत्रों की थाप और भक्तों के जयकारों के बीच भगवान मद्महेश्वर की चल उत्सव विग्रह डोली दोपहर दो बजे ओंकारेश्वर मंदिर पहुंची। यहां आराध्य की भोग मूर्तियों को वेद-मंत्रोच्चारण के साथ मंदिर के गर्भगृह में स्थापित कर दिया गया है।
रविवार को ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं व अक्षत के साथ भगवान मद्महेश्वर की चल उत्सव विग्रह डोली का भव्य स्वागत किया। मंदिर की परिक्रमा के बाद चल उत्सव विग्रह डोली को सभामंडप में विराजमान किया गया। पुजारी टी. गंगाधर लिंग, शिव शंकर लिंग और बागेश लिंग ने आराध्य की भोगमूर्तियों को पुष्परथ से उतारा और वेदपाठी यशोधर मैठाणी, विश्वमोहन जमलोकी, नवीन मैठाणी, मृत्युंजय हीरेमठ व आशाराम के वेद-मंत्रोच्चारण के बीच गर्भगृह में छह माह की पूजा-अर्चना के लिए स्थापित किया। इससे पूर्व सुबह छह बजे गिरिया गांव में पुजारी टी. गंगाधर लिंग ने भगवान मद्महेश्वर की पूजा-अर्चना व श्रृंगार कर भोग लगाते हुए आरती उतारी। सुबह आठ बजे डोली ने गांव से शीतकालीन गद्दीस्थल के लिए प्रस्थान किया और पिलौंजी होते हुए सुबह 10.30 बजे फाफंज गांव पहुंची। जहां पर ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से अपने आराध्य भगवान को अर्घ्य लगाया। दोपहर 12 बजे डोली मंगोलचारी पहुंची। इस मौके पर ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग के प्रतिनिधि के तौर पर केदार लिंग ने भगवान मद्महेश्वर को सोने का छत्र पहनाया गया। साथ ही मराठा रेजीमेंट के 23 सदस्य बैंड दल ने भगवान की अगवाई की। बैंड की सुरीली धुनों और स्थानीय वाद्य यंत्रों के साथ ब्राह्मणखोली, डंगवाड़ी होते हुए भगवान मद्महेश्वर की डोली दो बजे डोली मंदिर परिसर पहुंची। इस अवसर पर देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य अधिकारी बीडी सिंह, एसडीएम एनएस नगन्याल, थानाध्यक्ष जहांगीर अली, कार्याधिकारी एनपी जमलोकी, प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार नौटियाल, ब्लॉक प्रमुख श्वेता पांडेय, नपं अध्यक्ष विजय राणा, डोली प्रभारी मनीष तिवारी, युद्धवीर सिंह पुष्पवाण, देवानंद गैरोला, पूर्व प्रमुख लक्ष्मी प्रसाद भट्ट, आचार्य कृष्णानंद नौटियाल, डा. हर्षवर्धन बेंजवाल, खुशाल सिंह नेगी, रमेश चंद्र तिवारी समेत अन्य लोग मौजूद थे।