महोत्सव में मुख्य अतिथि बदरी केदार मंदिर समिति के कार्याधिकारी अनिल शर्मा ने कहा कि संस्कृत देववाणी है। अन्य सभी भाषाओं की जननी संस्कृत को कहा गया है। इसके संरक्षण व संवर्द्धन के लिए ऐसे आयोजन जरूरी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डा. जैक्सवीन नेशनल इंटर कालेज की प्रधानाचार्या सुनीता देवी ने इसे संस्कृत भाषा के उत्थान के लिए एक अच्छी पहल बताया।
महोत्सव में कनिष्ठ वर्ग की गीता श्लोक वाचन में प्रेरणा नौटियाल (जीआईसी नारायणकोटी) प्रथम, हिमांशु (जीआईसी तुलंगा)द्वितीय व सुधांशू (एमएल पब्लिक स्कूल नाला)तृतीय रहे। गीता पुस्तक श्लोक उच्चारण में दीपक पंवार (जीआईसी खुमेरा) पहले, आदर्श गैरोला (एमएल पब्लिक स्कूल नाला) दूसरे व श्वेता (जीआईसी गुप्तकाशी) तीसरे स्थान पर रहीं। सीनियर वर्ग श्लोक उच्चारण में आयुष चौहान (डा. जैक्सवीन नेशनल स्कूल गुप्तकाशी) प्रथम, प्रियंका (जीआईसी खुमेरा) द्वितीय व आरती (जीआईसी कोटमा) तृतीय रहीं।
गीता महत्व पर आयोजित भाषण में आयुष चौहान (डा. जैक्सवीन नेशनल स्कूल गुप्तकाशी), सपना (पतंजलि नारायणकोटी) व प्रतिभा (जीआईसी नारायणकोटी) क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय रहीं। संचालन हर्षवर्द्धन शुक्ला ने किया।
इस मौके पर संस्कृत भारती के जिला संयोजक देवानंद गैरोला, संस्थान के बाबा शनिनाथ, श्रीकृष्ण भारती, सुरेशानंद गौड़, सदानंद तिनसोला, जगदंबा प्रसाद नौटियाल, गंगाधर लिंग, केएस राणा, प्रधान मदन अग्रवाल, पंकज शास्त्री, आनंदमणि सेमवाल, पीडी शुक्ला, पुष्पा नौटियाल आदि उपस्थित थे।