रुद्रपुर। बजट को लेकर अब भी कई लोगों में दुविधा है, उसी दुविधा को दूर करने के मकसद में अमर उजाला ने ‘बजट को समझिए’ विषय पर संवाद आयोजित किया। इसमें किसानों, व्यापारियों, छात्रों व महिलाओं ने बजट को लेकर विशेषज्ञों से कई प्रश्न पूछे। चार्टर्ड एकाउंटेंट चेतन खुराना और जिला टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भुपेश दुम्का ने सभी के संशय दूर किए। इस दौरान कई लोगों ने बजट को निराशा के साथ राहत भरी डोज बताया।
रविवार को आदर्श कालोनी स्थित एक प्रतिष्ठान के सभागार में आयोजित संवाद में किसानों ने बजट से जुड़ी जानकारियों और सब्सिडी का व्यापक प्रचार नहीं करने पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में बैंक अधिकारी चेक के जरिये भुगतान से पहले 10 से 15 प्रतिशत हड़प लेते हैं। व्यापारियों ने विशेषज्ञों से बजट में रियल स्टेट, कपड़ा कारोबार से जुड़े विभिन्न टैक्स व जीएसटी के बारे में जानकारी ली। व्यापारियों ने कहा कि केंद्र सरकार ने बजट के जरिये डिजिटल कारोबार के लिए प्रोत्साहित किया है। लेकिन भारत जैसे देश डिजिटल इंडिया अभी दूर की कौड़ी है। महिला व्यवसायियों और गृहणियों ने कहा कि विभिन्न कॉस्मेटिक उत्पाद, कपड़ों और घरेलू सामग्री में मूल्यों में कोई अंतर नहीं आया है। छात्रों ने कहा बजट में माध्यमिक शिक्षा के लिए अधिक बजट दिया। इस दौरान विनोद तिवारी, कमल खुराना, शिवम खुराना, कमल राणा, शिवदीप राणा आदि थे।
कोट-
बजट में पांच करोड़ के टर्न ओवर पर ऑडिट के लिए 95 प्रतिशत बैंक व पांच प्रतिशत कैश की सीमा है। कैश की 30 प्रतिशत सीमा होनी चाहिए। बजट तो अच्छा है, लेकिन जटिलता काफी है। - सुरेंद्र रज्जी, व्यापारी
-कृषि के सुधार 16 बिंदुओं का जो एक्शन प्लान सामने रखा है, उसका पर्याप्त प्रचार नहीं किया गया है। सब्सिडी की पूर्ण जानकारी न होने से किसान बैंक अधिकारियों के भ्रष्टाचार का शिकार होंगे। - अमरजीत सिंह, किसान
-बजट में सरकार ने किसानों के लिए सोलर पम्प योजना का लाभ दिया है। किसानों को इस योजना का कितना लाभ मिलेगा कहना जल्दबाजी है। बजट में किसानों के लिए कुछ खास नहीं है।
- सिंगारा सिंह, किसान
- बजट में उच्च शिक्षा को बढ़ावा की कोशिश की गई है, जबकि माध्यमिक शिक्षा पर अधिक ध्यान नहीं दिया गया। इसका फायदा निजी स्कूल संचालक उठाएंगे।
विजय पाल, छात्र, रुद्रपुर पीजी कॉलेज
- बजट में किसानों के लिए डायरेक्ट कोई घोषणा नहीं की गई है, ऐसे में वर्ष 2022 तक किसानों की आय किस तरह दोगुनी होगी यह देखने वाली बात होगी
- विक्रमजीत सिंह, किसान
बजट में कॉस्मेटिक समेत विभिन्न उत्पादों पर टैक्स में किसी तरह कटौती नहीं की गई है। केंद्र सरकार ने आम बजट में महंगाई को नियंत्रित करने पर कम फोकस किया है।
मानसी ग्रोवर, व्यापारी
- केंद्र सरकार ने आम बजट में आय पर तीन स्लैब में टैक्स की दर जरूर कम की है, लेकिन इसका लाभ प्राप्त करने के लिए 70 रियायतें छोड़ने का पेंच लगा दिया है।
प्रीति कालरा, बुटीक संचालिका
-आम बजट में 20 लाख किसानों को सोलर पंप लगाने को धन मुहैया कराने की सुविधा दी है। लेकिन किसानों को आसानी से कोई सब्सिडी नहीं मिलती है।
रतन सिंह, किसान
-केंद्र सरकार के पास आदर्श आम बजट पेश कर देश को मंदी से उबारने का अच्छा मौका था, लेकिन सरकार इसमें नाकाम रही। रियल स्टेट को खास राहत नहीं दी है।
सुशील गाबा, रियल स्टेट कारोबारी
- आम जीवन के लिए रोटी, कपड़ा व मकान की बुनियादी जरूरतें हैं, लेकिन आम बजट में कोई राहत नहीं मिली है। जीएसटी में भी व्यापारियों को राहत नहीं दी गई है।
पवन गाबा, कपड़ा व्यापारी
- आम बजट में सरकार ने अपनी नीतियां स्पष्ट नहीं की हैं। यह औसत बजट है। रोजगार को लेकर भी बजट में कोई स्पष्ट नीति नजर नहीं आ रही है।
प्रदीप खुराना, व्यापारी।
सरकार की मंशा व्यापार को कॉरपोरेट सिस्टम में लाने की
रुद्रपुर। चार्टर्ड अकाउंटेंट चेतन खुराना ने कहा कि केंद्र सरकार ने एक संतुलित बजट पेश किया। आम बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। आम बजट में मैन्यूफैक्चरिंग व एमएसएमई को प्रमोट करने की कोशिश की गई है। इसके पीछे सरकार की मंशा सभी कारोबार को कॉरपोरेट सिस्टम में लाकर व्यापारियों को अधिक सुविधाएं देने की है। 6500 उत्पादों को मैन्यूफैक्चरिंग व सब्सिडी के दायरे में लाया गया है। उन्होंने कहा कि इनकम टैक्स 1961 में अब तक टैक्स ऑडिट की सीमा एक करोड़ रुपये थी। जिसे अब पांच करोड़ दिया गया है। इसका लाभ लेने के लिए 95 बैंकिंग मोड में व पांच प्रतिशत नगद कारोबार करना आवश्यक है। यह आम बजट कंपनियों व नये उद्योग के लिए अच्छा है।
आम जनता को टैक्स छूट का अधिक फायदा नहीं
रुद्रपुर। जिला टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भुपेश दुम्का ने कहा कि सरकार ने केंद्र सरकार ने आम बजट में आय पर तीन स्लैब में टैक्स की दर कम की है, लेकिन इसका फायदा उन्हीं लोगों को होगा जिनकी आय नौ लाख रुपये से अधिक है। इसके साथ ही इस टैक्स स्लैब की छूट का लाभ लेने के लिए 70 रियायतें छोड़नी होंगी। इस सुविधा का लाभ लेने के बाद आम लोगों में विभिन्न बचत योजनाओं में कम निवेश करेंगे। इससे सरकार को आर्थिक नुकसान होगा। दुम्का ने कहा कि बजट में आम जनता के लिए कुछ खास नहीं है। रक्षा बजट में जरूरी बढ़ोतरी की गई है।