राइंका जवाहरनगर में छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न
राइंका जवाहर नगर में मोटे अनाजों को लेकर हुई कार्यशाला
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग/चोपता। मयकोटी में राइंका जवाहर नगर में मोटे अनाजों को लेकर हुई कार्यशाला में छात्र-छात्राओं व स्थानीय महिला समूहों को मिलेट की महत्ता बताई। साथ ही उसके व्यवसाय आदि की जानकारी दी गई। कहा गया कि कोदा-झंगोरा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदलेंगे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
पारंपरिक मोटे अनाजों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने व उन्हें राष्ट्रीय व वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने के उद्देश्य से मयकोटी के राजकीय इंटर कॉलेज जवाहर नगर में आयोजित कार्यशाला का मंगलवार को समापन हो गया। रिपब्लिक फाउंडेशन सोसाइटी और उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद देहरादून के माध्यम से आयोजित कार्यशाला में छात्र-छात्राओं और महिला समूहों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को मंडुवा और झंगोरा जैसे मोटे अनाजों के पोषण मूल्य, वैज्ञानिक प्रोसेसिंग, बेहतर क्वालिटी कंट्रोल, आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग की व्यावहारिक जानकारी दी गई। कार्यशाला के आयोजक सचिव डॉ. सचि नेगी ने कहा कि स्थानीय संसाधनों पर आधारित कौशल विकास ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सबसे सही तरीका है। प्रशिक्षण का मुख्य लक्ष्य स्थानीय किसानों, युवाओं और महिला स्वयं सहायता समूहों को खुद का छोटा उद्योग शुरू करने के लिए तैयार करना है। रिपब्लिक फाउंडेशन और यूकॉस्ट की यह पहल है। इस अवसर पर एमआईटी के निदेशक डॉ. शक्ति सिंह बर्त्वाल, शिक्षक भगवान सिंह रावत, धीरेंद्र सिंह बर्त्वाल, अनूप नेगी, पूनम, जगदंबा चमोला, मातबर सिंह नेगी, धर्मानंद चमोला, मंजरी नेगी, स्वदेश राज, संध्या आदि उपस्थित थे।