रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग जामू नर्सरी के पास इस तरह हो रखा अति संवेदनशील।
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फाटा के समीप सेरसी में 25 घंटे बाद रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बहाल हो पाया। यहां पहाड़ी से रुक-रुककर मलबा गिर रहा है, जिससे खतरा बना हुआ है। साथ ही बांसवाड़ा व जामू नर्सरी में भी मलबे के चलते हाईवे दो घंटे से अधिक बंद रहा।
हाईवे पर भूस्खलन जोन सेरसी में अपराह्न तीन बजे भारी मलबा और बोल्डरों की सफाई कर वाहनों की आवाजाही शुरू कराई गई। यहां बीते शनिवार को दोपहर बाद ढाई बजे पहाड़ी से हुए भारी भूस्खलन के कारण सड़क बंद हो गई थी। इस समस्या के चलते बाबा केदार के दर्शनों को धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग, गौरीकुंड पहुंचने के लिए भी घंटों इंतजार करना पड़ा। स्थिति यह रही कि रविवार सुबह सोनप्रयाग में केदारनाथ जाने के लिए एक भी यात्री नहीं पहुंच पाया था। भले ही इसके बाद 10 बजे तक 60 श्रद्धालु केदारनाथ के लिए रवाना हो गए थे। ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत हाईवे के चौड़ीकरण के बाद से यहां पर पहाड़ी पर भूस्खलन जोन सक्रिय हो रखा है, जो हल्की बरसात में भी परेशानी का सबब बन रहा है। जामू नर्सरी और बांसवाड़ा में भी राजमार्ग भूस्खलन के दंश से बदहाल हो चुका है। बीते एक माह में इन दोनों स्थानों पर आए दिन यातायात बाधित होता आ रहा है। रविवार को भी यहां पर हाईवे तीन घंटे से अधिक बंद रहा। इधर, एनएच के ईई जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि केदारघाटी में आए दिन हो रही बरसात के कारण हाईवे पर भूस्खलन जोन सक्रिय हैं, जिस कारण यातायात प्रभावित हो रहा है। संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटों के लिए मशीनें तैनात की गई हैं, जिससे अवरुद्ध होने की स्थिति में कम से कम समय में यातायात बहाल किया जा सके। दूसरी तरफ जनपद में 6 संपर्क मोटर मार्ग भी बंद पड़े हैं।