सणगू-सारी मोटर मार्ग के सुधारीकरण कार्य पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सुधारीकरण कार्य के नाम पर सरकारी धन की बर्बादी की जा रही है। जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी से मार्ग पर हो रहे सुधारीकरण कार्य के निरीक्षण की मांग की है।
30 किमी सणगू-सारी मोटर मार्ग को गौचर से रुद्रप्रयाग तक बाईपास के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस कार्य के लिए शासन से 14 करोड़ से अधिक की धनराशि पीएमजीएसवाई को मिली है।
ग्राम पंचायत मदोला के ग्राम प्रधान बीरेंद्र सिंह नेगी, धीरज सिंह नेगी, सत्यपाल सिंह नेगी का आरोप है कि मार्ग में मानक के अनुसार निर्माण सामग्री का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। गिट्टी के नाम पर सड़े पत्थर बिछाए गए हैं। किमी सात के बाद कई जगहों पर बिछाई गई गिट्टी में रोलर के बिना ही मिट्टी डाली जा रही है, जो तेज हवा में उड़ रही है।
पूरे मार्ग पर निकास नाली का निर्माण नहीं किया गया है। कोटी, छिनका, कोठगी के जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों का भी कहना है कि विभागीय अधिकारियों के नियमित निरीक्षण के बाद भी कार्य की गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया है। उन्होंने जिलाधिकारी से मार्ग का निरीक्षण करने की मांग की है।
मोटर मार्ग पर हो रहे सुधारीकरण कार्य में मानकों की अनदेखी की शिकायतें आ रही हैं। संबंधित जेई/एई को सही कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिस ठेकेदार का कार्य खराब होगा, उसका भुगतान रोक दिया जाएगा।
- आरसी उनियाल, अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई, रुद्रप्रयाग