देहरादून से अपने घर आ रहे एक परिवार को प्रशासन व पुलिस द्वारा इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन में भेज दिया गया है। परिवार के सदस्यों का कहना है, कि उनके घर में अकेले बुजुर्ग रह रहे हैं, जिनकी स्थिति काफी खराब है।
बृहस्पतिवार को धनंजय नौटियाल अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ देहरादून से अपने घर सन गांव आ रहे थे, लेकिन, उन्हें सिरोहबगड़ चौकी में पुलिस और प्रशासन की टीम ने रोककर सीधे इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन में भेज दिया। उन्होंने बताया कि उनके पिता, जो 87 वर्ष के हैं, गांव में अकेले हैं। उनकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है। उनके स्वास्थ्य की देखरेख के लिए वे, परिवार सहित गांव आ रहे थे। आरोप लगाया कि प्रशासन व पुलिस द्वारा लोगों के साथ दोहरा आचरण किया जा रहा है। बीते 12 मार्च को उनके ही गांव के कुछ लोग देहरादून से आए, लेकिन उन्हें बिना किसी पूछताछ के सीधे घर जाने दिया गया। उन्होंने बताया कि जिस होटल में उन्हें क्वारंटीन किया गया है। वहां, साफ-सफाई नहीं है। इधर, जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि मामले की पूरी जानकारी ली जा रही है। वहीं, ग्राम पंचायत सन के ग्राम प्रधान विकास नौटियाल ने कहा कि प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को लोगों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उन्हें इंस्टीट्यूशनल व होम क्वारंटीन करना चाहिए।