राजीव गांधी पंचायत राज संगठन ने पर्यावरण प्रभाव आकलन अधिसूचना 2020 का पूरे प्रदेश में पुरजोर विरोध दर्ज करने की घोषणा की है। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि नई अधिसूचना पर्यावरण विरोधी है।
मंगलवार को कीरतपुर गांव में हुई गोष्ठी में प्रदेश संयोजक मोहित उनियाल ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार को ऐसे कानूनों पर जनता की राय लेनी होती है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने की संभावना होती है।
पर्यावरण को लेकर नई अधिसूचना लोगों के अधिकार को छीनती है और पर्यावरण को बचाने में लोगों की भूमिका का दायरा बहुत कम करती है। इसमें सरकार की फैसले लेने की विवेकाधीन शक्तियों को और बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है।
जिला संयोजक संदीप चीमा ने कहा कि नई अधिसूचना का सबसे चिंताजनक और पर्यावरण विरोधी प्रावधान यह है कि पहले से पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करती आ रही कंपनियों और उद्योगों को भी क्लीयरेंस प्राप्त करने का मौका दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण के मामलों में इस तरह के प्रावधान को पहले ही खारिज कर दिया है।
सरकार व्यापार सुगमता के नाम पर पर्यावरण को गंभीर खतरा पहुंचाने का रास्ता खोल रही है। इससे सरकार की पर्यावरण विरोधी मंशा उजागर होती है। वहां कांग्रेस के प्रदेश सचिव नंदलाल, ओमकार ढिल्लो, कौशल विश्वास, काबल सिंह, आशीष यादव, श्रवण, राकेश चौधरी, सुनील कुमार, दिनेश साहनी, संजय साहनी, अजय यादव, राहुल, हिमांशु, रामसुमेर सिंह, धीरज चौधरी, हरेंद्र पाल, आकाशदीप सिंह, रोहित वर्मा, रोहित यादव, सोनू वर्मा आदि थे।