सड़क और मुआवजे के लिए छेनागाड़ में आपदा प्रभावितों का प्रदर्शन
सात दिन में मांगें पूरी न होने पर डीएम कार्यालय के घेराव की दी चेतावनी
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
बसुकेदार। तेज बारिश के बीच बृहस्पतिवार को छेनागाड़ के आपदा प्रभावितों ने समस्याओं का समाधान होने पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण, अधूरे रास्तों को पूरा करने, मुआवजा और प्रभावित परिवारों के स्थायी पुनर्वास की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी सात दिन में उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वे जिला अधिकारी कार्यालय का घेराव करने के लिए बाध्य होंगे।
प्रभावितों ने कहा कि पिछले वर्ष आपदा आई थी और अभी तक यहां सुविधाएं नहीं जुटाई सकी हैं। प्रदर्शन में शामिल त्रिभुवन चौहान ने आपदा के बाद सरकार की ओर से घोषित 1200 करोड़ रुपये के पैकेज पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में अब भी सड़क और रास्तों जैसी मूलभूत सुविधाओं की समस्या बनी हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से भौंर गांव तक दोपहिया वाहन पहुंचाने के वादे का भी उल्लेख किया। साथ ही क्षेत्र में निर्माणाधीन सिंचाई नहरों की गुणवत्ता और उपयोगिता की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि सरकारी धन से होने वाले विकास कार्यों की स्वतंत्र जांच कराकर उनकी लागत और उपयोगिता को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। प्रदर्शन में जखोली के ज्येष्ठ प्रमुख नवीन सेमवाल, ग्राम प्रधान जोला-पाठ्यूं दीपा देवी सहित कई गांवों के प्रमुख जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
सड़क के लिए सरकारी कार्यक्रमों के बहिष्कार का एलान
गोपेश्वर। सड़क की मांग के लिए नंदानगर विकासखंड के ग्राम प्राणमति के ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत में सरकारी कार्यक्रमों के बहिष्कार का एलान किया। ग्रामीणों ने इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र सड़क निर्माण की मांग उठाई।
ग्रामीणों का कहना है कि प्राणमति गांव के लोग पिछले कई वर्षों से गांव तक सड़क निर्माण की मांग करते आ रहे हैं। सड़क के अभाव में ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और अन्य जरूरी कार्यों के लिए करीब सात किलोमीटर दूर चलना पड़ता है। वर्ष 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत थराली विधानसभा क्षेत्र के सिमलीघाट से सितेल-लेटाला, प्राणमति और कनोल मार्ग के नवनिर्माण की घोषणा की गई थी। इसके बावजूद सड़क निर्माण नहीं हुआ। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया यदि उनकी वर्षों पुरानी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई तो गांव में सरकारी कार्यक्रमों का पूर्ण बहिष्कार कर दिया जाएगा। इस मौके पर ग्राम प्रधान पूजा देवी, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य कंचन सिंह, सरपंच रमेश राम, कंचन बिष्ट, गब्बर सिंह, माधो राम और दरवान सिंह आदि मौजूद रहे।