अगस्त्यमुनि। भीरी-डमार मोटर मार्ग को रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिए मंदाकिनी नदी पर प्रस्तावित 48 मीटर स्पान के स्टील गार्डर पुल के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का क्रमिक अनशन 13वें दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों ने पीएमजीएसवाई पर पुल निर्माण में देरी को लेकर गलत बयानबाजी का आरोप लगाया है। कहा कि, जब तक आधे-अधूरे पुल का कार्य विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में पुन: शुरू नहीं होता उनका आंदोलन जारी रहेगा।
शनिवार को भीरी-डमार मोटर मार्ग संघर्ष समिति के बैनर तले अनशन स्थल बैठे ग्रामीणों ने बताया कि आठ वर्ष बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों को यातायात सुविधा नसीब नहीं हो पाई है। पीएमजीएसवाई ने जैसे-तैसे तीन किमी सड़क तो बना दी है, लेकिन पुल का कार्य आधा-अधूरा छोड़ दिया है। बताया कि स्वीकृति के बाद एक वर्ष मेपपुल बनकर तैयार हो जाना चाहिए था, लेकिन चार वर्ष बाद भी यह अधूरा है।
उन्होंने कहा कि, पुल निर्माण में देरी विभाग और ठेकेदार की लापरवाही से हुई है। बावजूद पीएमजीएसवाई के अधिकारी पुल वाले क्षेत्र में भूमि धंसाव व ट्रीटमेंट की बात कह रहे हैं, जो सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि जब तक विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचकर पुल का कार्य पुन: शुरू नहीं कराते उनका आंदोलन जारी रहेगा। धरना देने वालों में संघर्ष समिति के अध्यक्ष जगमोहन सिंह भंडारी, सचिव रघुवीर सिंह नेगी, कोषाध्यक्ष योेगेंद्र सिंह चौहान, गिरीश चौहान, मुन्ना, राजीव नेगी, सोनू रौथाण, दिलशाद, प्रकाश भंडारी, उमेद सिंह चौहान, गौरव सेमवाल आदि शामिल थे।