मनरेगा कर्मचारियों की आठ सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल 17वें दिन भी जारी रही। हड़ताल के कारण जिले में मनरेगा कार्य पूरी तरह से ठप हो गए हैं। साथ ही मजदूरों को भुगतान भी नहीं हो पा रहा है, जिससे ग्रामीण खासा परेशान हैं।
हिमाचल की तर्ज पर ग्रेड पे, मनरेगा कर्मियों को स्वास्थ्य व बीमा सुविधाएं देना, उपनल के माध्यम से कार्मिकों को ग्राम्य व पंचायती राज विभाग में समायोजित करने, राज्य अंश ग्रेड पे निर्धारण कर मानदेय देने सहित आठ सूत्री मांगों को लेकर मनरेगा 17 मार्च से मनरेगा कर्मचारी हड़ताल पर चल रहे हैं। इधर, सरकार के नो वर्क, नो पे का शासनादेश जारी करने के बाद से हड़ताली कर्मियों ने रोष जताते हुए उपेक्षा का आरोप लगाया है। मनरेगा कर्मियों की हड़ताल से जिले में अगस्त्यमुनि, जखोली और ऊखीमठ ब्लॉक में योजना से जुड़े मजदूरों का भुगतान, ऑनलाइन डाटा फील्ड का कार्य ठप पड़े हुए हैं। धरना देने वालों में मनरेगा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार, मनोज सुमरियाल, सुधीर कुमार, आशुतोष थपलियाल, हर्षवर्धन सिंह नेगी, नीरज नेगी, दिनेश रावत, हरीश सेमवाल, सुभाषिनी तिवारी, राजेंद्र वाजपेई, उत्तम सिंह समेत तबाजपेयी, उत्तम सिंह समेत कई कर्मचारी उपस्थित थे। संवाद