वर्ष 1997 में गठित रुद्रप्रयाग जिले में 446 आंगनबाड़ी और 214 मिनी केंद्रों का संचालन हो रहा है। इनमें सिर्फ 83 आंगनबाड़ी और 37 मिनी केंद्रों के ही अपने भवन बन पाए हैं। विभाग 244 केंद्रों का संचालन किराये के भवनों पर कर रहा है। जबकि 106 केंद्र पंचायत भवनों, 176 प्राथमिक विद्यालयों और 39 केंद्रों का संचालन सामुदायिक भवनों पर हो रहा है।
जिले में ग्रामीण और नगरीय/कस्बाई इलाकों में संचालित कई केंद्रों में तो बच्चों को बैठने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं है। स्कूल व पंचायत भवनों के कमरों में सीलन होने से केंद्रों के संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। कई आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का कहना है कि इस समस्या के कारण नए पंजीकरण में दिक्कतें हो रही हैं।
जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों के लिए प्रत्येक वर्ष शासन को प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं। काफी कम संख्या में स्वीकृति व बजट मिलने से भवनों के निर्माण में देरी हो रही है। जिले में वर्तमान में 83 आंगनबाड़ी और 37 मिनी केंद्र अपने भवनों पर संचालित हो रहे हैं।
-- देवेश्वरी कुंवर, प्रभारी परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग रुद्रप्रयाग