जनपद के अगस्त्यमुनि, ऊखीमठ और जखोली ब्लाक की 25 से 35 फीसदी आबादी को बैंक सुविधाओं के लिए 18 से 40 किमी की दौड़ लगानी पड़ रही है। कई बार के आंदोलन के बाद भी बैंक शाखाएं खोलने की दिशा में कोई कदम नहीं बढ़ा है।
जिला गठन के 18 वर्ष में रुद्रप्रयाग नगर में एसबीआई व पीएनबी के साथ ही अगल-अलग बैंकों की 20 शाखाएं खुल गई हैं। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक सुविधा मुहैया कराने के बजाय पट्टी बच्छणस्यूं के खेड़ाखाल में 1989 में खुला उत्तरांचल ग्रामीण बैंक की शाखा को 2004 में बंद कर दिया गया। बसुकेदार में खुली बैंक शाखा अब तक स्थायी नहीं हो पाई है। ऐसे में ग्रामीणों को 100 रुपये का खाता खुलवाने के लिए भी 18 से 40 किमी की दौड़ लगानी पड़ रही है। खेड़ाखाल, नवासू, बंगोली, गहड़ सहित बच्छणस्यूं के 22 ग्राम पंचायतों के 92 गांवों की 24 हजार से अधिक आबादी के करीब 9 हजार बैंक उपभोक्ताओं को 18 किमी दूर खांकरा, 18 किमी दूर खिर्सू, 45 किमी दूर पौड़ी, 32 किमी दूर श्रीनगर व 28 किमी रुद्रप्रयाग की दौड़ लगानी पड़ रही है। मद्महेश्वर घाटी के गौंडार, उनियाणा, रांसी के ग्रामीणों को 28 से 34 किमी दूर ऊखीमठ आना होता है। कालीमठ घाटी के अंतिम गांव चौमासी व चिलौंड के अलावा कोटमा, कविल्ठा, ब्यूखी, खुन्नू, कुणजेठी के ग्रामीणों को बैंक सुविधा के लिए गुप्तकाशी जाना होता है। जखोली ब्लाक के दूरस्थ बांगर, बड़मा और भरदार क्षेत्र ीके ग्रामीणों को सुमाड़ी, मयाली और जखोली पहुंचने के लिए 8 से 35 किमी का सफर तय करना होता है। अ़गस्त्यमुनि के ब्लाक प्रमुख जगमोहन सिंह रौथाण का कहना है कि खेड़ाखाल में बैंक शाखा पुन: खुलवाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
कोट-
जनपद में अलग-अलग ग्रामीण क्षेत्रों में नई बैंक शाखाएं खोलने के लिए सर्वे किया गया है। रिपोर्ट देहरादून कार्यालय से मुंबई को भेजी गई है। -- एसएल वर्मा, लीड बैंक अधिकारी रुद्रप्रयाग