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यूपी के पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश समेत नौ को सजा

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रुद्रपुर जिला न्यायालय में न्यायिक हिरासत में जेल जाते पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश सिंह। - फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। 10 करोड़ की संपत्ति की फर्जी वसीयत बनाकर 32 एकड़ जमीन अपने नाम कराने के मामले में यूपी सरकार के पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश समेत नौ आरोपियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट/ सीविल जज सीनियर डिवीजन छवि बंसल ने दोषी करार देते हुए मंगलवार को सजा सुनाई। पूर्व मंत्री को पांच साल की सजा होने पर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है, जबकि अन्य आठ आरोपियों को एक से तीन साल की सजा होने पर अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया गया है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार वर्ष 2014 के उक्त मामले में यूपी के पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश सिंह, उनकी पत्नी पूर्व ब्लॉक प्रमुख सितारगंज मंजुलता, पुत्र शिववर्धन, पुत्रवधू निधि सिंह समेत पूर्व शासकीय अधिवक्ता स्वतंत्र बहादुर सिंह, उनकी पत्नी गीता सिंह, पुत्रवधू शिखा सिंह और वसीयत गवाह नवनाथ तिवारी व प्रेम नारायण सिंह को न्यायालय ने दोषी पाया था।
अभियोजन पक्ष की ओर से संयुक्त निदेशक विधि भूपेंद्र सिंह जंगपांगी, सहायक अभियोजन अधिकारी नितिन मोहन, आनंद सिंह सोलंकी व सिद्धार्थ श्रीवास्वत ने पैरवी करते हुए 20 गवाहों को न्यायालय में पेश किया।
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मामले के अनुसार आजाद हिंद फौज के सिपाही रामअवध सिंह आजादी के बाद पुलिस में डिप्टी एसपी के पद से रिटायर हुए थे। स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को देखते हुए तत्कालीन यूपी सरकार ने उन्हें ऊधमसिंह नगर के बागवाला गांव में 50 एकड़ भूमि आवंटित की थी। रामअवध की एकमात्र संतान उनकी पुत्री प्रभावती देवी थी। 10 जून 1999 को रामअवध की मृत्यु के बाद प्रभावती ही चल-अचल संपत्ति की उत्तराधिकारी बनी। प्रभावती की शादी आजमगढ़ की तहसील बूढनपुर के सिहौरा गांव में हुई है।
अपनी जमीन पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश के अपने नाम कराने का पता लगने के बाद प्रभावती ने कई जगह शिकायती पत्र दिए, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। पूरा मामला डीआईजी के पास पहुंचा तो तीन मई 2014 को उनके आदेश पर प्रेम प्रकाश समेत नौ लोगों पर आईपीसी की धाराओं में केस दर्ज हुआ। 17 जून 2016 को पुलिस ने कोर्ट में चार्जसीट दाखिल की थी। मंगलवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट/सिविल जज सीनियर डिवीजन ने सभी नौ लोगों को दोषी पाते हुए अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई।
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पूर्व मंत्री और अन्य लोगों को इन धाराों में हुई इतनी सजा
नाम धारा - सजा - जुर्माना
प्रेम प्रकाश सिंह - 120बी - दो साल - पांच सौ रुपये
420 - पांच साल - एक हजार रुपये
471 - पांच साल - एक हजार रुपये
504 - एक साल - पांच सौ रुपये
506 - दो साल - पांच सौ रुपये
नवनाथ तिवारी, प्रेम नारायण - 120बी - दो साल - पांच सौ रुपये
420 - दो साल - एक हजार रुपये
471 - तीन साल - पांच सौ रुपये
शिववर्धन सिंह - 120बी - दो साल - पांच सौ रुपये
420 - तीन साल - पांच सौ रुपये
मंजुलता, निधि, गीता व शिखा- 120बी - एक साल - पांच सौ रुपये
420 - एक साल - पांच सौ रुपये
स्वतंत्र बहादुर सिंह 120 बी - दो साल - पांच सौ रुपये
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