विनोद नौटियाल
ऊखीमठ। नववर्ष के स्वागत के लिए बनियाकुंड, दुगलबिट्टा, चोपता और देवरियाताल पर्यटकों से गुलजार हो गया है। इन स्थानों पर मंगलवार शाम तक छह हजार से अधिक पर्यटक पहुंच चुके हैं। ऊखीमठ से लेकर चोपता व सारी गांव तक होटल, लॉज, हट्स और टेंट फुल हो चुके हैं। पर्यटकों की भीड़ को देखकर स्थानीय कारोबारियों के चेहरे भी खिल उठे हैं।
मंगलवार को दिनभर कुंड-ऊखीमठ-मंडल-चोपता-गोपेश्वर हाईवे पर वाहनों का रेला चलता रहा। दोपहर तक ही तहसील मुख्यालय ऊखीमठ में सभी होटल, लॉज पर्यटकों से फुल हो चुके थे। इसके अलावा किमाणा से लेकर पोथीबांसा, मक्कू बैंड, बनियाकुंड, दुगलबिट्टा, चोपता में होटल, लॉज, हट्स और टेंट में पैर रखने तक की जगह नहीं है। बावजूद शाम तक यहां पर्यटकों का पहुंचना जारी रहा। यहां दिनभर, पर्यटकों ने पांच से छह फीट तक जमा बर्फ का जमकर लुत्फ उठाया। दूसरी तरफ पर्यटक ग्राम सारी और देवरियाताल में भी काफी संख्या में पर्यटक पहुंच चुके हैं। यहां एक दर्जन से अधिक होटल में बुकिंग फुल हो चुकी है। स्थानीय कारोबारी रघुवीर सिंह नेगी, भूपेंद्र भट्ट, सुनील नेगी, लखपत सिंह नेगी, राकेश नेगी, हीरा सिंह आदि ने बताया कि थर्टी फर्स्ट और नववर्ष को मनाने के लिए उम्मीद से अधिक पर्यटक पहुंच चुके हैं। ऊखीमठ के थानाध्यक्ष राजेंद्र सिंह रौतेला ने बताया कि शाम पांच बजे तक तुंगनाथ घाटी में छह हजार से अधिक पर्यटक पहुंच चुके हैं। होटल, लॉज व हट्स में ठहरे पर्यटकों की सुरक्षा व शांति व्यवस्था को लेकर हरसंभव प्रयास किए गए हैं। विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए दोपहर 2 बजे के बाद से तुंगनाथ से चंद्रशिला ट्रेक को ट्रेकिंग के लिए बंद कर दिया गया है। क्योंकि, खराब मौसम के चलते वहां पहुंच रहे पर्यटकों को वापसी में दिक्कत हो सकती है।