रुद्रप्रयाग। श्री मद्महेश्वर मंदिर की पारंपरिक पंच कारबारियन व्यवस्था को औपचारिक स्वरूप देते हुए शनिवार को ग्राम सभा गोंडार में श्री पंच कारबारियन मद्महेश्वर नियमावली-2026 सर्वसम्मति से लागू कर दी गई है। इस फैसले के साथ मंदिर के प्रबंधन, पूजा व्यवस्था, अधिकारों और जिम्मेदारियों को नियमों में रखा गया है। बैठक में तय किया गया कि अब मंदिर से जुड़े सभी कार्य इसी नियमावली के तहत संचालित होंगे। ग्राम प्रधान अनूप पंवार की अध्यक्षता में हुई बैठक में थोक-भंडारी मदन सिंह, विशबर सिंह और अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे। प्रस्तावक अभिषेक सिंह ने नियमावली को प्रस्तुत किया। सभी सदस्यों ने परंपराओं के अनुरूप बताते हुए सर्वसम्मति से पारित किया। नियमावली के तहत मंदिर प्रबंधन के लिए कार्यकारिणी का गठन किया गया है। इसमें मुख्य कारबारी संरक्षक, अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष और सदस्य शामिल हैं। मुख्य कारबारी को पारंपरिक और धार्मिक मामलों में सर्वोच्च सलाहकार की भूमिका दी गई है, सचिव प्रशासनिक कार्यों और अभिलेख रख-रखाव का दायित्व निभाएगा तथा कोषाध्यक्ष वित्तीय व्यवस्था देखेगा। कार्यकारिणी में थोक भंडारी, सरपंच और ग्राम प्रधान को पदेन सदस्य के रूप में शामिल किया गया है, नियमावली
में मंदिर की गरिमा या कारबारियन के हितों के खिलाफ कार्य करने पर कार्यकारिणी कार्रवाई कर सकेगी। तय किया गया है कि मंदिर की मूल परंपराओं, हक-हकूक और दस्तूरात में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। मुख्य कारबारी फते सिंह, अध्यक्ष शिवानन्द सिंह, सचिव वीरेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष दिलवर सिंह, सदस्य रमेश सिंह, भीमराज सिंह, बलवंत सिंह को बनाया गया। इस अवसर पर राहुल सिंह, कैलाश सिंह, अजीत सिंह, विजय सिंह, रूपा सिंह, नरेन्द्र सिंह, मोहन सिंह, राकेश सिंह, सुमन सिंह, अजय सिंह, भूपेन्द्र सिंह आदि ग्रामीण उपस्थिति रहे।
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राजेश सेमवाल