बच्छणस्यूं के नवासू गांव में भारी बारिश से आवासीय मकान के आंगन का पुश्ता ढहा, खतरा बढ़ा।
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मूसलाधार बारिश से जनपद के कई गांवों में आवासीय मकान, गौशाला, पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। तुंगनाथ घाटी में आकाशकामिनी नदी के उफान से हो रहे भूकटाव से राजकीय इंटर कॉलेज दैड़ा भी भूस्खलन की जद में आ गया है। यहां प्राचीन चमोली-गुप्तकाशी पैदल मार्ग पर बना लोहे का पुल भी बरसात की भेंट चढ़ गया है।
बृहस्पतिवार रात्रि को हुई मूसलाधार बारिश से अगस्त्यमुनि विकासखंड के ग्राम पंचायत नवासू में कई आवासीय मकान खतरे की जद में आ गए हैं। यहां भीम सिंह रौथाण एवं ललित रौथाण के मकान के आगे का पुश्ता ध्वस्त हो गया है। जबकि प्रकाश सिंह रौथाण व सुरेंद्र सिंह रौथाण के घर का पैदल रास्ता टूट गया है, जिससे आगे के आवासीय मकान को भी खतरा हो गया है। इधर, ग्राम पंचायत स्यूंणी में भी कई आवासीय मकान व गौशालाओं को नुकसान हुआ है। स्थानीय निवासी सुल्तान सिंह, राजेंद्र सिंह और बाग सिंह के आवासीय मकान का पुश्ता, सीढ़ी और शौचालय को क्षति पहुंची है। उधर, तुंगनाथ घाटी में मक्कूमठ गांव निवासी चक्रधर मैठाणी व रेवाधर मैठाणी के आवासीय मकान खेत टूटने से खतरे की जद में आ गया है। यहां बारिश का पानी कमरों के घुस रहा है। तुंगनाथ घाटी का राजकीय इंटर कॉलेज दैड़ा के नीचला हिस्सा भूस्खलन की चपेट में आ गया है। दैड़ा के प्रधान योगेंद्र सिंह नेगी का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से आकाशकामिनी नदी के बहाव से हो रहे भूकटाव से विद्यालय का निचला हिस्सा संवेदनशील बना हुआ है, लेकिन विभागीय अधिकारियों को बार-बार अवगत कराने पर भी सुध नहीं ली जा रही है। लोनिवि के अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर रिपोर्ट अधिशासी अभियंता को सौंप दी है।