मां नंदा देवी की छोटी जात गांवों का भ्रमण कर अपने धाम मक्कूमठ पहुंच गई है। गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने अराध्य देवी का भव्य स्वागत किया। ध्याणियों ने देवी के दर्शन कर भेंट अर्पित की।
शारदीय नवरात्रों में शुरू हुई मां नंदा की छोटी जात के तहत अंतिम पड़ाव सारी में पूजा-अर्चना के उपरांत सोमवार को अराध्य अपने मूल स्थान पहुंच गई। इस मौके पर अराध्य को फल, फूल और अनाज का भोग लगाया गया।
मां नंदा के दर्शनों के लिए ग्रामीणों सहित ध्याणियों की भीड़ जुटी रही। इसके उपरांत मठापति एवं पुजारियों ने मां नंदा की विशेष पूजा-अर्चना की। रिद्धि-सिद्धि पूजा के उपरांत मां नंदा की मूर्ति को गर्भगृह में विराजमान किया गया।
मंदिर के मठापति राम प्रसाद मैठाणी ने बताया कि मां नंदा ने कांडा, हुड्डू, उषाड़ा, दैडा, बरंगाली व सारी गंाव का भ्रमण कर अपने थान लौटी है। बताया कि जिन गांवों का अराध्य भ्रमण करती है, वे सभी गांव देवी के मायके के गांव हैं। इसलिए प्रतिवर्ष नवरात्र पर ग्रामीण अपनी ध्याण को गांव/घर बुलाते हैं और उसका सत्कार कर उसे भेंट अर्पित करते हैं।
मां नंदा के मूल मंदिर पहुंचने पर देव नृत्य का भी आयोजन किया गया। इसके उपरांत सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर माहेश्वर प्रसाद, सुरेंद्र प्रसाद, सीबी मैठाणी, जीतपाल सिंह भंडारी, उम्मेद सिंह नेगी, एसएस रावत आदि मौजूद थे।