केदारनाथ यात्रा में हेलीकॉप्टर टिकट दिलाने के नाम पर यात्रियों से धोखाधड़ी करने के आरोप में न्यायालय मुख्य न्याययिक मजिस्ट्रेट ने अभियुक्त पुनीत बी रावल पुत्र भूपत भाई रावल, निवासी सुरेंद्र नगर, गुजरात को छह वर्ष की कठोर कारावास और 51 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जुर्माना अदा न करने पर चार माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
सोमवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुकेश चंद्र आर्य ने अभियुक्त को भारतीय दंड संहिता की धारा 419 और 420 में दोषी मानते हुए सजा सुनाई। कहा कि अभियुक्त द्वारा अपराध व्यक्ति के साथ न कर, उनकी आस्था के साथ ऐसे स्थान पर किया गया है, जहां पर व्यक्ति अपने मनोभाव को प्रकट करने के साथ मन की शांति प्राप्त करने के लिए आते हैं।
अभियुक्त का आचरण किसी भी सभ्य समाज की ख्याति को विकृत करने वाला है। ऐसे में पूरे मामले में अभियुक्त के प्रति उदार दृष्टिकोण रखे जाने का कोई न्यायोचित आधार नहीं है।
यह था मामला
जून माह में केदारनाथ यात्रा पर आई गुजरात निवासी ज्योति यादव ने 17 जून को फाटा पुलिस चौकी में पुनित बी रावल के खिलाफ तहरीर दी थी। कहा था कि उसके द्वारा केदारनाथ के लिए हेलीकाप्टर टिकट दिलाने के नाम पर 7 लोगों से 45 हजार रुपये लिए और टिकट दिलाने की बात कही।
तब उसने अपना नाम सुधांशु व्यास बताया था। लेकिन वह बताए गए समय पर नहीं पहुंचा था। पुलिस ने आरोपी को 18 जून को गिरफ्तार कर विभिन्न धाराओं में ऊखीमठ थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।