रुद्रपुर। उत्तराखंड और यूपी में 16 वर्षों तक माओवादी गतिविधियों को अंजाम देने वाले 50 हजार के इनामी माओवादी खीम सिंह बोरा को अब चार अक्तूबर को लखनऊ जेल से खटीमा कोर्ट में पेश किया जाएगा। पहले नौ सितंबर को खटीमा कोर्ट में बोरा की पेशी होनी थी। पेशी टलने के बाद जिला पुलिस ने फिर से एक बार बोरा के खिलाफ कोर्ट से बी वारंट लिया है।
बीते 17 जुलाई को बरेली से गिरफ्तार खीम सिंह बोरा के खिलाफ बरेली एटीएस ने एटीएस थाना गोमती नगर लखनऊ में केस दर्ज कराया गया था। 20 जुलाई को बोरा को एटीएस ने पांच दिन की रिमांड पर लिया था। इसमें एटीएस के साथ ही एसओटीएफ, इंटेलीजेंस, आंध्र प्रदेश पुलिस और यूएस नगर पुलिस ने भी बोरा से पूछताछ की।
वर्ष 2004 और 2007 में बोरा के खिलाफ नानकमत्ता थाने में भी बोरा के खिलाफ दो केस दर्ज थे। इसमें बोरा जिला पुलिस का वांछित था। एटीएस के बोरा को रिमांड पर लिए जाने के दौरान ही जिला पुलिस ने भी उसके खिलाफ कोर्ट से बी वारंट लेकर लखनऊ में दाखिल किया था। इसके आधार पर नौ सितंबर को बोरा को खटीमा कोर्ट में पेश किया जाना था लेकिन रिमांड टलने के बाद अब अगले माह चार तारीख को खटीमा कोर्ट में बोरा की पेशी होगी।
सीओ खटीमा सुरजीत सिंह ने बताया कि बोरा को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट से फिर बोरा के खिलाफ बी वारंट लिया गया है, जिसे एक-दो दिन के भीतर लखनऊ में दाखिल किया जाएगा। इसके बाद अगले माह बोरा की पेशी के बाद उसे पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा।