रुद्रप्रयाग के ग्राम पंचायत दरमोला के तरवाड़ी गांव में अस्त्र-शस्त्रों के साथ नृत्य करते हुए पा?
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जखोली विकासखंड के ग्राम पंचायत दरमोला के तरवाड़ी गांव में पांडव नृत्य में नौगरी कौथिग का आयोजन किया गया। परंपरानुसार पांडवों द्वारा गांव भ्रमण कर प्रत्येक परिवार से भीक्षा ग्रहण कर जाती है। लेकिन इस बार कोराना संक्रमण के चलते पांडव चौक पर ही परंपरा का निर्वहन किया गया, जिसमें तरवाड़ी गांव के ग्रामीणों द्वारा अपने घरों से पूरी-पकोड़ी, हलवा, खीर व अन्य व्यंजन बनाकर पांडवों को भेंट किए गए।
पांडव चौक में पुजारी गिरीश डिमरी व कीर्ति प्रसाद डिमरी द्वारा विधि-विधान के साथ आराध्य भगवान बदरीनाथ, शंकरनाथ, नागराजा व चामुंडा देवी की पूजा-अर्चना के बाद पांडवों का आह्वान किया गया। इसके बाद नौगरी कौथिग का आयोजन हुआ। मान्यता है कि द्वापर युग में पांडवों को जब एक वर्ष का अज्ञातवास हुआ था। तब वे गांव में भीक्षा मांगकर अपना भरण-पोषण करते थे। इसी परंपरा का आज भी पांडव नृत्य में निर्वहन किया जाता है। दोपहर बाद पांडवों ने अस्त्र-शस्त्रों के साथ ढोल-दमाऊं की थाप पर नृत्य किया। इस मौके पर जवाड़ी, दरमोला, रौठिया, स्वीली, सेम, डुंग्री, उत्यासू आदि गांवों से भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। पांडव नृत्य समिति के अध्यक्ष भोपाल सिंह पंवार, जसपाल सिंह, नत्था सिंह, शूरवीर सिंह, राजेंद्र सिंह, किशन रावत, नरेंद्र पंवा, धन सिंह, वीर सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को गैंडा कौथिग का आयोजन होगा। जबकि शुक्रवार को भगवान नारायण द्वारा भक्तों को प्रसाद वितरण के साथ अनुष्ठान संपन्न हो जाएगा। संवाद
तरवाड़ी गांव में अस्त्र-शस्त्रों के साथ नृत्य करते हुए पांडव पश्वा।- फोटो : RUDRAPRYAG