क्षेत्र में हो रहे भूस्खलन, ट्रॉली के मरम्मत कार्य को देखते हुए प्रशासन ने लिया निर्णय
लोनिवि ने ट्रॉली की मरम्मत के लिए मांगा तीन दिन का समय
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। मार्ग की संवेदनशील स्थिति, क्षेत्र में हो रहे भूस्खलन, ट्रॉली के मरम्मत कार्य को देखते हुए जिला प्रशासन ने द्वितीय केदार मद्महेश्वर की यात्रा को अग्रिम आदेशों तक अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। पुलिस अधीक्षक, एसडीएम ऊखीमठ तथा लोनिवि ऊखीमठ की आख्या के आधार पर जिलाधिकारी व जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष विशाल मिश्रा ने यह आदेश जारी किए हैं।
तलसारी तोक से मद्महेश्वर मंदिर तक के 14.50 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग के प्रारंभिक हिस्से में कटिंग कार्य चल रहा है और कई स्थानों पर लगातार भूस्खलन हो रहा है। प्रशासन ने पाया कि कुछ श्रद्धालु चेतावनियों के बावजूद जोखिम भरे स्थानों से गुजरकर सेल्फी ले रहे थे। वहीं बणतोली में मोरखण्डा नदी पर लकड़ी की अस्थायी पुलिया बीते 24 जुलाई को नदी के बढ़े जलस्तर के कारण बह गई थी। इसके बाद से यहां यात्रियों की आवाजाही ट्रॉली के माध्यम से कराई जा रही है। ट्रॉली की क्षमता एक बार में केवल दो व्यक्तियों की ही है। मगर सावन में अधिक संख्या में कांवड़ यात्री व श्रद्धालु मद्महेश्वर मंदिर पहुंच रहे हैं जिससे ट्रॉली स्थल पर अत्यधिक भीड़, अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो रही है। लोनिवि ऊखीमठ ने ट्रॉली के सुरक्षित संचालन के लिए उसके मरम्मत की आवश्यकता बताई है। इसके लिए उन्होंने न्यूनतम दो से तीन दिन का समय मांगा गया है। जिला प्रशासन ने इस कारण मद्महेश्वर यात्रा को अग्रिम आदेशों तक स्थगित करने का निर्णय लिया है।