स्वयं सहायता समूहों के द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय फैब्रिक, खाद्य पदार्थ व हथकरघा से तैयार उत्पादों की उच्च स्तरीय ब्रांडिंग की जाएगी। जिससे उत्पादों को बेहतर बाजार मिले और उत्पादकों को आर्थिक लाभ हो सके।
जिला सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में डीएम मनुज गोयल ने कहा कि जिले में महिला स्वयं सहायता समूह व अन्य गैर सरकारी संगठनों के द्वारा स्थानीय उत्पादों का उत्पादन किया जा रहा है। हैंडलूम, शहद, रिंगाल से बने उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जिनकी उच्चस्तरीय ब्रांडिंग जरूरी है। उत्पाद की पैकिंग व फिनिशिंग इस तरह से की जाए, जिससे वह बाजार में अपनी खास पहचान बना सके। उन्होंने जिले में कार्य कर रहे सभी स्वयं सहायता समूह, एनजीओ व विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ स्थानीय उत्पादों का मूल्यांकन कर ब्रांडिंग के निर्देश दिए। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए सही लाभार्थी के चयन पर जोर देते हुए एनजीओ को सर्वेक्षण कर पात्र व्यक्तियों के नाम विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। इस मौके पगैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा आजीविका के तहत जिले में किए जा रहे कार्यों के बारे में भी जिलाधिकारी को विस्तार से जानकारी दी गई। संवाद