सड़को पर जलभराव से परेशानी बढ़ रही है मयाली बाजार में। संवाद
- व्यापारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी, दुकानों में पानी घुसने से कीमती सामान हो रहा है बरबाद
- सड़कों पर जलभराव, कीचड़ और फिसलन के कारण राहगीरों का चलना हुआ दूभर
जखोली। मयाली मुख्य बाजार में सड़क किनारे उचित जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण हल्की बारिश भी व्यापारियों और राहगीरों के लिए मुसीबत बन रही है। रविवार को हुई बरसात के कारण सड़क पर पानी भर गया और दो घंटे तक लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। नाली के अभाव में बरसात का सारा पानी कचरे के साथ दुकानों में घुसा गया इससे व्यापार भी प्रभावित हुआ।
भौगोलिक दृष्टि से मयाली बाजार दो हिस्सों में बंटा है। ऊपरी बाजार में नाली का निर्माण तो किया गया है लेकिन उनका गंदा पानी ढलान के कारण निचले बाजार में जमा हो जाता है। मुख्य तिराहे पर अत्यधिक ढलान और निचले बाजार में नाली न होने से सड़क पर पानी उफनती नदी जैसा नजर आने लगा है। पिछले चार दिनों से जारी मूसलाधार बारिश से स्थिति और खराब हो गई है। सड़कों पर जलभराव, कीचड़ और फिसलन के कारण राहगीरों का चलना दूभर हुआ जिससे ग्राहकों ने बाजार की ओर रुख करना बंद कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि दुकानों में पानी घुसने से उनका कीमती सामान भी बरबाद हो रहा है। मयाली वासुदेव टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष हरीश पुण्डीर, पूर्व व्यापार संघ अध्यक्ष सुरेंद्र सकलानी और व्यापारी जीतेंद्र बुटोला ने लोनिवि विभाग की उदासीनता आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि विभाग को इस समस्या के बारे में कई बार सूचित किया जा चुका है, लेकिन विभागीय अधिकारी इस ओर ध्यान नही दे रहे है। मयाली व्यापार संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पानी की निकासी हेतु नाली का निर्माण नहीं कराया गया, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।