रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे स्थित ल्वारा-लमगौंडी तिराहे पर लाखों की लागत से निर्मित पार्किंग पर अवैध कब्जे के विरोध में गुप्तकाशी जीप-टैक्सी यूनियन के 300 वाहनों के पहिए थमे रहे। इस दौरान केदारघाटी के गांवों के लोगों को आवाजाही में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को भी सोनप्रयाग से पैदल नापना पड़ा। दूसरी तरफ यूनियन पदाधिकारियों ने प्रशासन पर पार्किंग से अवैध कब्जे को हटाने में उदासीनता बरतने का आरोप लगाया है।
शनिवार को गुप्तकाशी जीप-टैक्सी यूनियन के सभी वाहनों के पहिए थमे रहे। जीप-टैक्सियों का संचालन नहीं होने से लोगों को बाजार तक पहुंचने में खासी दिक्कत हुई। यूनियन के अध्यक्ष राय सिंह राणा ने बताया कि गौरीकुंड हाईवे पर ल्वारा-लमगौंडी तिराहे पर यूनियन द्वारा कुछ समय पूर्व लाखों की लागत से पार्किंग का निर्माण किया था, लेकिन कुछ ही दिन में सांकरी गांव के कुछ परिवारों ने पार्किंग को अपनी नाप भूमि में बताकर तारबाड़ कर दी। इसे लेेकर पिछले कुछ समय से दोनों पक्षों के बीच तनातनी चल रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों से जब बातचीत करनी चाही तो वे मारपीट पर उतर गए। मामले में दो के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। राणा ने बताया कि भूमि लोक निर्माण विभाग की है, जिस पर यूनियन ने अपने स्तर से पार्किंग निर्माण किया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को कई बार समस्या से अवगत कराने के बाद भी कार्रवाई न होने पर यूनियन द्वारा एक दिन के लिए सेवा बंद रखी। जीप-टैक्सी का संचालन नहीं होने से गुप्तकाशी से गौरीकुंड और छेनागाड़ से रुद्रप्रयाग तक गांवों के लोगों को आवाजाही में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस दौरान लोग मीलों पैदल भी चले। इधर, दोपहर बाद तहसीलदार श्रेष्ठ गुनसोला ने मौके पर पहुंचकर पार्किंग का जायजा लिया। बताया कि दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले को जल्द निस्तारित किया जाएगा।