युवा व्यापारी शिवराज की संदिग्ध स्थिति में मौत के मामले में पुलिस ने अभी तक 35 लोगों से पूछताछ कर ली है, जिसमें अधिकांश नेपाली मजदूर हैं।
पुलिस का कहना है कि चार दिन की जांच में अभी तक जो भी साक्ष्य मिले हैं, उससे हत्या की संभावना नहीं लग रही है। जो भी तथ्य सामने आए हैं, वे हत्या की तरफ इशारा नहीं कर रहे हैं। ऐसे में यह दुर्घटना से मौत होने का का मामला लग रहा है। बावजूद मामले को लेकर विवेचना जारी रहेगी।
पुलिस अधीक्षक प्रह्लाद नारायण मीणा ने बताया कि मृतक के परिजनों से भी मामले को लेकर बातचीत की जा चुकी है। उनके द्वारा किसी भी प्रकार की दुश्मनी या अन्य कारणों से भी इनकार किया जा रहा है। मौत को लेकर वे नेपाली मजदूरों पर शक कर रहे हैं लेकिन स्पष्ट तौर पर किसी का नाम नहीं ले रहे हैं। अभी तक हत्या से जुड़ा कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया है। बताया कि मामले को लेकर पुलिस की जांच अब भी जारी है। इधर, अगस्त्यमुनि थाना प्रभारी चंदन सिंह चौहान का कहना है कि मामले में आने वाले दिनों में भी संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जाएगी। दूसरी तरफ जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी राणा ने पुलिस और प्रशासन से युवा व्यापारी की संदिग्ध मौत के मामले का त्वरित खुलासा किए जाने की मांग की है। कहा कि इस तरह की घटना से जहां नगर की छवि धूमिल हुई है। वहीं लोगों में दहशत भी व्याप्त है।