अतिथि शिक्षक संघ ने अतिथि शिक्षकों के लिए 89 दिनों की संविदा के प्राविधान को हटाकर पूर्ण संविदा करने की मांग की। संघ ने इस संबंध एक ज्ञापन संसदीय सचिव को भी सौंपा।
अतिथि शिक्षक संघ जिला स्तरीय बैठक अगस्त्युमनि रामलीला मैदान में जिला अध्यक्ष कमल किशोर भट्ट की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अतिथि शिक्षकों की तैनाती करने से शिक्षा व्यवस्था पर गुणात्मक प्रभाव पड़ा है। अतिथि शिक्षक पूरे मनोयोग से शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के प्रयास कर रहे हैं। बैठक में उपस्थित संसदीय सचिव शैलारानी रावत ने कहा कि अतिथि शिक्षकों के हितों के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह स्वयं अतिथि शिक्षकों के साथ है।
बैठक में वक्ताओं ने अतिथि शिक्षकों के पदों को रिक्त न मानने, 89 दिनों के संविदा के प्रावधान को हटाकर पूर्ण संविदा करने, कालांश के स्थान पर निश्चित मानदेय देने, अवकाश, परीक्षा और मूल्यांकन आदि के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने आदि की मांग उठाई।
इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता कविंद्र कैंतुरा, प्रदेश संगठन मंत्री चैन सिंह पंवार, मीडिया प्रभारी अवधेश सेमवाल, अवधेश भट्ट, अमृता, प्रियंका पंवार, रेनू चौधरी, भरत सिंह, अनूप मैठाणी आदि उपस्थित थे। वहीं भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री अनूप सेमवाल ने गुड एकेडेमिक रिकॉर्ड के अनुसार अतिथि शिक्षकों को पूर्ण संविदा नियुक्ति देने की मांग की।