मंदाकिनी नदी पर निर्मित 99 मेगावाट की सिंगोली-भटवाड़ी जल विद्युत परियोजना की निर्माणदायी संस्था एलएंडटी व वन विभाग के अधिकारियों की बैठक में नदी के पारिस्थिकीय तंत्र पर चर्चा की गई। साथ ही परियोजना के तहत कैट प्लान में प्रस्तावित कार्यों की रूपरेखा तैयार की गई।
एलएंडटी के आला अधिकारियों ने प्रमुख वन संरक्षक को जल विद्युत परियोजना के बारे में बताया कि 33-33 मेगावाट की तीन टरबाइन से परियोजना से विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। परियोजना के शुरू होने से अब तक कंपनी की ओर से सीएसआर में 54.61 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए जा चुके हैं। साथ ही विकास कार्यों को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है। बैठक में संयुक्त रूप से निर्णय लिया गया कि परियोजना से संबंधित कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट प्लान (कैट प्लान) में छूटे कार्यों को वन विभाग के साथ मिलकर अगले तीन वर्ष में पूरा किया जाएगा। इसके अलावा जल विद्युत परियोजना के निर्माण से प्रभावित वन्य जीवों के प्राकृतिक वास स्थलों का सुधार किया जाएगा। बैठक में प्रमुख वन संरक्षक राजीव भरतरी, डीएफओ वैभव कुमार समेत एलएंडटी के आला अधिकारी मौजूद थे।