वाहन की टक्कर से 10 वर्षीय बालक की मौत के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल ने चालक को दोषी करार देते हुए छह माह के कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जिला न्यायाधीश ने निचली अदालत का फैसला पलटते हुए अभियुक्त को जेल भेजने के आदेश दिए।
बुधवार को मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला न्यायाधीश ने चालक लक्ष्मण सिंह पुत्र जसपाल सिंह, ग्राम घेंघड़खाल को 10 वर्षीय बालक को वाहन से टक्कर मारने और मौके से वाहन लेकर भागने का दोषी पाया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि घटना के बाद चालक द्वारा घायल को अस्पताल पहुंचाने के बजाय मौके से भागना मानवता की हत्या जैसा है, इसलिए अभियुक्त को माफ नहीं किया जा सकता है। मामले में पैरवी करते हुए शासकीय अधिवक्ता केपी खन्ना ने बताया कि 11 मई 2014 को आरोपी चालक रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर अपने मैक्स-पिकअप वाहन से गुप्तकाशी से कुंड की तरफ आ रहा था। तभी वाहन ने ग्राम थगसाली (भैंसारी) ऊखीमठ के 10 वर्षीय आर्यन को टक्कर मार दी और चालक मौके से वाहन लेकर भाग गया। घटना के समय घायल बालक की 12 वर्षीय बहन और दादा सड़क किनारे खड़े थे। परिजनों द्वारा घायल को नजदीकी अस्पताल लाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया था। घटना को लेकर परिजनों द्वारा ऊखीमठ थाने में चालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने आरोपी चालक को उसी दिन ग्राम पठाली से मय वाहन गिरफ्तार किया। पुलिस विवेचना के बाद मामला निचली अदालत में पहुंचा, जहां से आरोपी को रिहा कर दिया था। पीड़ित पक्ष ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील की थी।