पंतनगर। बेवफाई से त्रस्त पत्नी अपने पति की नौकरी से बर्खास्तगी के लिए दो बच्चों और बुजुर्ग पिता के साथ प्रशासनिक भवन में आमरण अनशन पर बैठ गई। इससे विवि प्रशासन में हड़कंप मच गया। सुरक्षा कर्मियों ने सभी को भवन से बाहर निकाला तो वे पार्टिको (कुलपति के वाहन खड़ा करने की जगह) पर बैठ गए। करीब एक घंटे बाद पहुंचे कुलपति ने परिवार को पति के निलंबन आदेश का हवाला देते हुए जांच के बाद एक माह में कार्यवाही का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद महिला ने अनशन स्थगित कर दिया।
विवि के पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय में लैब तकनीशियन के पद पर कार्यरत सुब्बा राम पर अवैध रूप से दूसरी शादी करने, पहली पत्नी और बच्चों का दायित्व निर्वहन नहीं करने का आरोप है। जांच के बाद कुलपति की संस्तुति पर शनिवार को सुब्बा राम निलंबित कर दिया था। इधर करीब दो वर्षों से चल रहे प्रकरण पर संतोषजनक कार्यवाही न होने से आहत पत्नी संगीता देवी ने 13 दिसंबर को कुलपति को पत्र लिखकर 21 दिसंबर तक पति की सेवा समाप्ति के आदेश पारित नहीं होने पर सोमवार से आमरण अनशन की धमकी दी थी। इस पर सोमवार सुबह नौ बजे संगीता अपने बुजुर्ग पिता गंगा दयाल, पुत्र पंकज धीर निगम व पुत्री निशु के साथ आमरण अनशन पर बैठ गई। संगीता का आरोप था कि पति का अवकाश (118 दिन का उपार्जित अवकाश व 55 दिन का चिकित्सकीय अवकाश) स्वीकृत न होते हुए भी विवि प्रशासन ने गलत तरीके से उसे वेतन के रूप में 4,32,500 रुपये का भुगतान कर दिया। पति ने कई लोगों से नौकरी लगवाने के एवज में करीब तीन करोड़ रुपये डकारे हैं। पीड़ित लोग उनके पास आकर तकादा करते हैं। कुलपति के लिखित आश्वासन पर महिला ने अनशन स्थगित कर दिया।