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रुद्रप्रयाग में बाल लिंगानुपात में भारी कमी

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जिले में बाल लिंगानुपात को लेकर चिंताजनक तथ्य सामने आया है। जिले में वर्ष 2020-21 में 1000 बेटों के सापेक्ष 875 बेटियों का जन्म हुआ। वर्ष 2019-20 में यह आंकड़ा 924 था। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग से मामले में पूरी रिपोर्ट मांगी है। हालांकि, इस वर्ष के शुरूआती तीन माह में लिंगानुपात में सुधार हुआ है।
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लगभग ढाई लाख की आबादी वाले जिले में 52 फीसदी महिलाएं हैं। पिछले पांच वर्षों में यह पहला मौका है, जब जिले में बाल लिंगानुपात में इतनी गिरावट आई है। विभागीय स्तर पर अब सरकारी व निजी अस्पतालों में पीसीपीएनडीटी के तहत तय मानकों के तहत जानकारी जुटाई जा रही है। जिला सलाहकार समिति बाल लिंगानुपात के जिला समन्वयक मनवर सिंह रावत ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पता किया जा रहा है कि कितने प्रसव अस्पतालों में हुए और कितने घरों में। अस्पतालों में हुई अल्ट्रासाउंड जांचों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। बताया कि वर्ष 2021-22 में अप्रैल से जून माह में बाल लिंगानुपात 1033 तक पहुंचा गया है।
उधर, जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को जिले से बाहर हो रहे प्रसवों का ब्योरा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिले में गर्भवती महिलाओं की संख्या को एचएमआईएस पोर्टल पर अपलोड करने और पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत जनजागरूकता बढ़ाने के लिए भी कहा है। जिलाधिकारी मनुज गोयल ने बताया कि लिंगानुपात में इतनी अधिक गिरावट चिंता का विषय है। स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. बीके शुक्ला ने बताया कि बाल लिंगानुपात में आई गिरावट के कारणों की पड़ताल की जा रही है।
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यह रही स्थिति
वर्ष बाल लिंगानुपात पैदा हुए बेटे/ बेटियां
2017/18 904 1453/1313
2018/19 926 1275/1181
2019/20 924 1216/1124
2020/21 875 1403/1227
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