रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि ब्लाक के दशज्यूला-कांडई के जागतोली में तीन दिवसीय जागतोली महोत्सव का आखिरी दिन लोक गायिका हेमा करासी के नाम रहा। उन्होंने एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुतियों से जहां मेलार्थियों का भरपूर मनोरंजन कराया, वहीं लोक संस्कृति के संरक्षण व प्रचार-प्रसार के लिए नई पीढ़ी का आह्वान भी किया।
रविवार को मेले के अंतिम दिन के कार्यक्रमों का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि बीकेटीसी के उपाध्यक्ष अशोक खत्री व नई दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता संजय दरमोड़ा ने किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से स्थानीय स्तर पर पर्यटन को बढ़ावा दिया जा चुका है। उन्होंने आगामी मेला आयोजन के लिए सरकार की तरफ से दो लाख रुपये देने की घोषणा भी की। अधिवक्ता संजय दरमोडा ने मेले को भव्य स्वरूप देने में हरसंभव सहयोग की बात कही। मेला समिति के अध्यक्ष जयवर्धन कांडपाल व अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि मेल के सफल आयोजन के लिए सभी का आभार जताया। साथ ही प्रशासन से सहयोग नहीं मिलने पर रोष भी जताया। इसके बाद शुरू हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोक गायक हेमा नेगी करासी व उनकी टीम द्वारा नंदा देवी व नृसिंह जागर के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने गिर गेंदूआ, बगछट मन समेत अन्य कई गढ़वाली गीतों की प्रस्तुतियां भी दीं। महोत्सव में आयोजित रस्साकशी प्रतियोगिता में बैंजी-कांडई ने प्रथम, बिजराकोट द्वितीय, कीर्तन-भजन प्रतियोगिता में थपलगांव प्रथम, बणथपाला द्वितीय, झुमेलो में थपलगांव प्रथम, बैंजी-कांडई द्वितीय स्थान पर रहे। सभी विजेता व उप विजेता टीमों व अन्य प्रतिभागियों को मेला समिति द्वारा पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर सीडीओ एसएस चौहान, तहसीलदार किशन गिरी, श्रीनंद जमलोकी, अनुसूया प्रसाद, मेला संरक्षक लखपत सिंह भंडारी, रविंद्र जग्गी व चंदन सिंह समेत भारी संख्या में मेलार्थी मौजूद थे।