जिले में हार्टी टूरिज्म (औद्यानिकी पर्यटन) को धरातल पर उतारने की कवायद शुरू हो गई है। ऊखीमठ ब्लॉक के संसारी गांव के समीप एक हेक्टेयर भूमि पर हार्टी टूरिज्म को विकसित किया जाएगा। साथ ही स्थानीय जलवायु के हिसाब से देशी व विदेशी प्रजाति के फलों का उत्पादन के लिए अलग-अलग ब्लॉक तैयार किए जाएंगे।
प्रशासन व विभाग की पहल पर जिले में पहली बार हार्टी टूरिज्म को लेकर कार्य किया जा रहा है। इसके लिए उद्यान विभाग ने संसारी में एक हेक्टेयर भूमि को चिह्नित किया गया है। यहां पर आडू, संतरा, नींबू, कीवी, अखरोट, सेब, नाशपाती के वृहद उत्पादन के लिए ब्लॉक तैयार किए जाएंगे। फूलों की 50 से अधिक प्रजातियों को विकसित किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, गोविंद बल्लभ पंत कृषि विवि पंतनगर, कृषि विज्ञान केंद्र जाखधार-गुप्तकाशी व विभागीय विशेषज्ञों के साथ अन्य विषय जानकारों को बुलाया जाएगा, जो काश्तकारों को जानकारी देंगे। एक हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने वाले हार्टी टूरिज्म के तहत संसारी में चार होम स्टे का निर्माण भी किया जा रहा है। परंपरागत शैली में बनने वाले इन होम स्टे का संचालन उद्यान विभाग द्वारा किया जाएगा। वहीं विभाग द्वारा जो आम के पेड़ फल नहीं दे रहे हैं, उन्हें काट दिया जाएगा।
संसारी में एक हेक्टेयर क्षेत्र में हार्टी टूरिज्म को विकसित करने के लिए कार्य शुरू कर दिया गया है। यहां फलों के उत्पादन के लिए अलग-अलग ब्लॉक के साथ ही नर्सरी भी तैयार की जाएगी। एक वर्ष में औद्यानिकी पर्यटन क्षेत्र का नजारा आकर्षक होगा।
- योगेंद्र सिंह चौधरी, जिला उद्यान अधिकारी, रुद्रप्रयाग
संसारी में हार्टी टूरिज्म को विकसित करने के लिए प्रारंभिक स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। एक हेक्टेयर क्षेत्र में खेती व उद्यानिकी से जुड़े बेहतर से बेहतर कार्य प्रस्तावित किए जा रहे हैं।
- मनुज गोयल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग