रुद्रप्रयाग। द्वितीय केदार मद्ममहेश्वर में वनाधिकार के तहत भू-धरी अधिकार और वन भूमि पर अधिभोग की मान्यता की मांग को लेकर वनाधिकार समिति का गठन किया गया है। जनपद की सबसे दूरस्थ ग्राम पंचायत व द्वितीय केदार मद्महेश्वर यात्रा के मुख्य पड़ाव ग्राम पंचायत गौंडार के ग्रामीणों ने शिवानंद पंवार को समिति का अध्यक्ष और भूपेंद्र सिंह पंवार को सचिव नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही आठ ग्रामीणों को सदस्य मनोनीत किया गया है। ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने उप जिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला से भेंट कर उन्हें समिति गठन के बारे में जानकारी देते हुए पत्र भी सौंपा।
गांव में हुई खुली बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वह लंबे समय से गौंडार-मद्महेश्वर में भूमि पर मालिकाना हक की मांग करते आ रहे हैं। वन विभाग को कई बार पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया गया। दो वर्ष पूर्व आंदोलन के जरिए भी हक-हकूकधारी ग्रामीणों ने अपनी मांग शासन, प्रशाासन तक पहुंचाई थी, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। अब, ग्रामीण वनाधिकार अधिनियम 2006 के तहत वनाधिकार समिति के माध्यम से गौंडार से मद्महेश्वर तक भूमि पर मालिकाना हक प्राप्त करने के लिए संघर्ष करेंगे।
ग्राम पंचायत स्तर पर गठित यह समिति तीन माह के भीतर ग्रामीणों से भूमि के मालिकाना हक से जुड़े दावों को मांगेगी। प्राप्त दावों की वनाधिनियम के तहत समिति भली-भांति पड़ताल कर प्रस्ताव तैयार करेगी। जिसे ग्राम पंचायत की खुली बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक में सभी दावों पर चर्चा की जाएगी और वैध मिलने पर खारिज का प्रस्ताव पारित किया जाएगा। ऐसा नहीं होने की स्थिति में दावों को अग्रिम कार्रवाई के लिए उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली उपखंड स्तरीय समिति के सम्मुख प्रस्तुत किया जाएगा।
वनाधिकार समिति में कविता पंवार, गीता पंवार, सुनीता पंवार, सरिता पंवार, आशा पंवार, नंदा देवी, वीर सिंह पंवार और दिलवर सिंह पंवार को सदस्य बनाया गया है। बैठक में विमला देवी, लक्ष्मी देवी, रमेश सिंह पंवार, अंकुश पंवार, भरत सिंह पंवार, मिलन सिंह पंवार, दरवान सिंह पंवार, कलम सिंह पंवार, बृजमोहन सिंह पंवार, धरम सिंह पंवार, अनूप सिंह पंवार, प्रेम सिंह आदि थे।