कहा कि लोनिवि की ओर से मार्ग निर्माण के लिए किए गए सर्वेक्षण के बजाय अपनी सुविधा के अनुसार काम किया जा रहा है। उन्होंने सर्वे के तहत काम करने की मांग की है। कहा कि ऐसा नहीं होने पर विभाग के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
एसडीएम को भेजे ज्ञापन में जनप्रतिनिधियों का कहना है कि सात वर्ष पहले शासन द्वारा आश्रम-घरड़ा-धनोली-कोटी-मेहर मोटर मार्ग स्वीकृत किया गया था। लोनिवि प्रांतीय खंड की ओर से निर्माण शुरू कर मखेत तक तीन किमी मार्ग का निर्माण भी किया गया है। धनोली गांव को मार्ग से वंचित किया जा रहा है।
विभाग ने बिना कारण कई मोड़ डाले हैं, जिससे गांव की अधिकांश सिंचित कृषि भूमि नष्ट हो रही है। उन्होंने प्रशासन और जिला पंचायत अध्यक्ष से निर्माणाधीन सड़क का निर्माण पूर्व में किए गए सर्वे के अनुसार करने और धनोली गांव को इसका लाभ देने की मांग की है।
इधर, उप जिलाधिकारी देवमूर्ति यादव ने बताया कि इस संबंध में विभाग से पूरी जानकारी लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन में ज्येष्ठ प्रमुख चैन सिंह पंवार, क्षेत्र पंचायत सदस्य उर्मिला बुटोला, आजाद बुटोला, विपिन बुटोला, विक्रम लाल, अषाड़ सिंह, सुरेश बुटोला, भगवान सिंह के हस्ताक्षर हैं।